क्या भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने पर कार्रवाई हुई? इंडियन कोस्ट गार्ड ने 28 क्रू को गिरफ्तार किया?

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क्या भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने पर कार्रवाई हुई? इंडियन कोस्ट गार्ड ने 28 क्रू को गिरफ्तार किया?

सारांश

कोलकाता, 20 नवंबर। इंडियन कोस्ट गार्ड ने उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक बांग्लादेशी फिशिंग बोट को पकड़ा, जिसमें 28 क्रू सदस्य अवैध मछली पकड़ने में जुटे थे। इस कार्रवाई ने भारतीय जल सीमा की सुरक्षा को एक नया आयाम दिया है।

मुख्य बातें

इंडियन कोस्ट गार्ड ने 28 बांग्लादेशी क्रू सदस्यों को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई अवैध मछली पकड़ने के खिलाफ की गई थी।
बांग्लादेशी फिशिंग बोट को नामखाना फिशिंग हार्बर तक स्कॉर्ट किया गया।
आईसीजी ने समुद्री कानूनों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित किया।
यह भारतीय मछुआरों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

कोलकाता, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत की समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड (आईसीजी) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तरी बंगाल की खाड़ी में इंटरनेशनल मैरिटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) की निगरानी करते समय, आईसीजी के एक जहाज ने भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में अवैध रूप से मछली पकड़ने वाली एक बांग्लादेशी फिशिंग बोट को पकड़ा। इस बोट पर 28 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से किसी के पास भी भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं थी।

गुरुवार को, नियमित समुद्री निगरानी के दौरान, आईसीजी के जहाज ने एक संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव को देखा, जो लगातार भागने की कोशिश कर रही थी। कोस्ट गार्ड ने तुरंत सक्रियता दिखाई और उस नाव को रोका। पूछताछ और तलाशी के बाद यह पुष्टि हुई कि यह नाव बांग्लादेश की है और भारतीय जल सीमा में अवैध रूप से मछली पकड़ रही थी।

आईसीजी की बोर्डिंग टीम ने नाव की संपूर्ण तलाशी ली। जांच में पाया गया कि सभी 28 बांग्लादेशी क्रू के पास किसी भी प्रकार की वैध अनुमति या प्राधिकरण पत्र नहीं था। उनके पास मौजूद मछली पकड़ने के उपकरण और पकड़ी गई मछलियों ने स्पष्ट कर दिया कि वे सक्रिय रूप से अवैध मछली पकड़ने में संलग्न थे। यह कार्रवाई भारतीय समुद्री क्षेत्र (विदेशी जहाजों द्वारा मछली पकड़ने का विनियमन) अधिनियम, 1981 के तहत की गई।

आईसीजी ने फिशिंग बोट को अपनी निगरानी में लेते हुए उसे नामखाना फिशिंग हार्बर तक स्कॉर्ट किया। यहां पहुंचने के बाद नाव और सभी 28 क्रू सदस्यों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मरीन पुलिस, नामखाना के हवाले कर दिया गया। यह इस सप्ताह में पकड़ी गई चौथी बांग्लादेशी फिशिंग बोट है, जो भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा में कोस्ट गार्ड की सतत तत्परता और कड़ी कार्रवाई को दर्शाती है। यह अभियान भारतीय मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इंडियन कोस्ट गार्ड बंगाल की खाड़ी में सतह और हवाई निगरानी जारी रखे हुए है। आईसीजी का कहना है कि वह समुद्री कानूनों का प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय समुद्री संपत्तियों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय मछुआरों की सुरक्षा और देश की समुद्री संपत्तियों की रक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडियन कोस्ट गार्ड ने कितनी बांग्लादेशी फिशिंग बोट पकड़ी हैं?
इस सप्ताह में इंडियन कोस्ट गार्ड ने चार बांग्लादेशी फिशिंग बोट पकड़ी हैं।
क्या कार्रवाई की गई फिशिंग बोट पर कोई वैध अनुमति थी?
नहीं, सभी 28 क्रू सदस्यों के पास भारतीय जल सीमा में मछली पकड़ने की कोई वैध अनुमति नहीं थी।
इंडियन कोस्ट गार्ड का मुख्य कार्य क्या है?
इंडियन कोस्ट गार्ड का मुख्य कार्य समुद्री सुरक्षा को सुनिश्चित करना और अवैध मछली पकड़ने पर रोक लगाना है।
राष्ट्र प्रेस
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