भारतीय बाजार में शीर्ष 10 कंपनियों में से 8 का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपए बढ़ा, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई शीर्ष पर
सारांश
Key Takeaways
- भारतीय इक्विटी बाजार में पिछले सप्ताह 4.13 लाख करोड़ का इजाफा हुआ।
- एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे रहे।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के मार्केट कैप में गिरावट आई।
मुंबई, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय इक्विटी बाजार में पिछले सप्ताह एक उल्लेखनीय रैली देखने को मिली। इस दौरान, देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से आठ के मार्केट कैप में 4,13,003.23 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई।
बाजार में इस तेजी का कारण शेयर बाजार का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। 6-10 मार्च के बीच, सेंसेक्स में 4,230.70 अंक या 5.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 77,550.25 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 1,337.50 अंक या 5.89 प्रतिशत बढ़कर 24,050.60 पर पहुंच गया।
इन आठ कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टीसीएस और एचयूएल शामिल हैं।
हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के मार्केट कैप में कमी आई है।
एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 91,282.67 करोड़ रुपए बढ़कर 12,47,478.57 करोड़ रुपए हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 76,036.36 करोड़ रुपए बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपए हो गया।
बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपए बढ़कर 5,75,206.47 करोड़ रुपए हो गया। एलएंडटी का मार्केट कैप 47,624.97 करोड़ रुपए बढ़कर 5,44,736.59 करोड़ रुपए हो गया।
भारती एयरटेल का मार्केट कैप 45,873.43 करोड़ रुपए बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपए हो गया।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपए बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपए हो गया।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 26,303.49 करोड़ रुपए बढ़कर 9,13,331.92 करोड़ रुपए हो गया।
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) के मार्केट कैप में भी 21,287.29 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई, जिससे इसका मूल्यांकन 5,06,477.89 करोड़ रुपए हो गया।
वहीं, इन्फोसिस के मार्केट कैप में 3,285.03 करोड़ रुपए की गिरावट आई, जिससे यह 5,24,124.40 करोड़ रुपए पर आ गया।
इसके अतिरिक्त, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में 947.28 करोड़ रुपए की मामूली गिरावट आई, जिससे यह 18,27,086.79 करोड़ रुपए पर आ गया।
हालांकि गिरावट के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रही, इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का स्थान रहा।