भारतीय रेलवे ने हरियाणा-राजस्थान में 4 ट्रेनों के नए स्टॉपेज मंजूर किए, लाखों यात्रियों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रेलवे ने 22 जून 2026 को हरियाणा और राजस्थान के प्रमुख स्टेशनों पर चार ट्रेनों के अतिरिक्त स्टॉपेज को औपचारिक मंजूरी दे दी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की दीर्घकालिक माँगों, परिचालन व्यवहार्यता के आकलन और क्षेत्रीय रेल संपर्क को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस कदम से दैनिक यात्री, छात्र, किसान, व्यापारी और लंबी दूरी के यात्री — सभी लाभान्वित होंगे।
किन स्टेशनों पर मिला नया स्टॉपेज
नए स्वीकृत स्टॉपेज इस प्रकार हैं: हरियाणा के पातुवास मेहराना स्टेशन पर दिल्ली-सातरौड़ पैसेंजर ट्रेन को ठहराव मिला है। हांसी स्टेशन पर अगरतला-फिरोजपुर एक्सप्रेस और बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस — दोनों लंबी दूरी की ट्रेनों — को स्टॉपेज दिया गया है। वहीं राजस्थान के बिजयनगर स्टेशन पर जयपुर-असरवा एक्सप्रेस का ठहराव स्वीकृत किया गया है।
पातुवास मेहराना: फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी में सुधार
रेवाड़ी–भिवानी रेल सेगमेंट पर स्थित पातुवास मेहराना स्टेशन पर अब तक बेहद कम ट्रेनें रुकती थीं। इस कारण स्थानीय निवासियों को झाड़ली और चरखी दादरी जैसे दूरस्थ स्टेशनों तक जाना पड़ता था। दिल्ली-सातरौड़ पैसेंजर के यहाँ रुकने से आसपास के गाँवों के छात्रों और दैनिक यात्रियों की फर्स्ट माइल और लास्ट माइल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
हांसी को मिली दो अतिरिक्त ट्रेनें, पूर्व-पश्चिम संपर्क मजबूत
भिवानी-हिसार मार्ग पर स्थित हांसी स्टेशन को अगरतला-फिरोजपुर एक्सप्रेस और बीकानेर-हरिद्वार एक्सप्रेस का ठहराव मिलने से यहाँ के यात्रियों को देश के पूर्वी, उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों से सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा। इससे पहले इन ट्रेनों में सफर के लिए यात्रियों को भिवानी सिटी या हिसार तक जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
राजस्थान के बिजयनगर को जयपुर-असरवा एक्सप्रेस का ठहराव
राजस्थान के बिजयनगर स्टेशन पर जयपुर-असरवा एक्सप्रेस का नया स्टॉपेज यहाँ के यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। पहले यह ट्रेन केवल नसीराबाद और भीलवाड़ा स्टेशनों पर रुकती थी, जिससे बिजयनगर के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब वे सीधे अपने क्षेत्र से रेल सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
आगे क्या
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये स्टॉपेज यात्री माँग और परिचालन व्यवहार्यता के व्यापक मूल्यांकन के बाद स्वीकृत किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे छोटे और मध्यम दर्जे के स्टेशनों पर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि इस तरह के क्षेत्रीय स्टॉपेज निर्णय अक्सर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और यात्री संगठनों की माँगों के बाद ही मूर्त रूप लेते हैं। आने वाले महीनों में इन स्टॉपेज के प्रभाव का आकलन रेलवे द्वारा किया जाएगा और आवश्यकतानुसार अन्य ट्रेनों में भी बदलाव संभव हैं।