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क्या इंदौर में चाइनीज मांझे से बिजली व्यवधान को रोकने के लिए रोको-टोको अभियान प्रभावी होगा?

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क्या इंदौर में चाइनीज मांझे से बिजली व्यवधान को रोकने के लिए रोको-टोको अभियान प्रभावी होगा?

सारांश

इंदौर में पतंगबाजी के लिए चाइनीज मांझे के उपयोग से बिजली आपूर्ति में हो रहे व्यवधान को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्या यह अभियान प्रभावी होगा? जानिए इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

चाइनीज मांझा बिजली आपूर्ति में बड़ा व्यवधान उत्पन्न करता है।
रोको-टोको अभियान के तहत जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क किया जाएगा।
जान-माल की हानि को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

इंदौर, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में पतंगबाजी के लिए उपयोग में लाया जाने वाला चाइनीज मांझा बिजली आपूर्ति में बड़ा व्यवधान उत्पन्न करता है। इसे रोकने के लिए बिजली कंपनी ने रोको-टोको अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की कार्यपालन अभियंता नमृता जैन ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में इंदौर क्षेत्र में 13 बार ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब पतंग के साथ चाइनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के संपर्क में आया, जिससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि ट्रांसमिशन लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुईं।

रोको-टोको अभियान के तहत, एमपी ट्रांसको ने इंदौर के उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहां पतंग उड़ाई जाती हैं। इन संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए पोस्टर, बैनर और पीए सिस्टम के माध्यम से भी लोगों को सचेत और सतर्क किया जाएगा, ताकि जान-माल की हानि रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को बिजली के अनावश्यक लंबे व्यवधान का सामना न करना पड़े।

वास्तव में, चाइनीज मांझा, जो सामान्य सूती धागे से भिन्न होता है, विद्युत का सुचालक होने के कारण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने पर यह न केवल बिजली आपूर्ति में व्यवधान डालता है, बल्कि जान-माल की हानि का कारण भी बन सकता है। जब यह मांझा बिजली के तारों से टकराता है, तो इसमें मौजूद सामग्री के कारण करंट प्रवाहित हो सकता है, जिससे पतंग उड़ाने वाले और आसपास के लोगों को गंभीर खतरा होता है।

बताया गया है कि इंदौर में जिन क्षेत्रों को चाइनीज मांझा के साथ पतंग उड़ाने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील माना गया है, उनमें मुख्य रूप से लिम्बोदी, मूसाखेड़ी, खजराना, महालक्ष्मी नगर, सुखलिया, गौरीनगर, बाणगंगा, तेजाजी नगर और नेमावर रोड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अभियान पर विशेष जोर रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है। प्रशासन का जागरूकता कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाइनीज मांझा क्या है?
चाइनीज मांझा एक प्रकार का पतंग उड़ाने वाला धागा है, जो सामान्य सूती धागे से भिन्न होता है और विद्युत का सुचालक होता है।
रोको-टोको अभियान क्या है?
रोको-टोको अभियान एक जागरूकता कार्यक्रम है, जिसमें नागरिकों को चाइनीज मांझे के खतरों के बारे में बताया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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