क्या ईरान की स्थिति पर डॉ. मोमिन का संदेश भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए सुरक्षा का आश्वासन है?

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क्या ईरान की स्थिति पर डॉ. मोमिन का संदेश भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए सुरक्षा का आश्वासन है?

सारांश

ईरान में भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर डॉ. मोमिन का बयान महत्वपूर्ण है। इंटरनेट शटडाउन के कारण छात्रों के परिवारों में चिंता है। डॉ. मोमिन ने छात्रों की स्थिति को लेकर आश्वासन दिया है। भारतीय दूतावास ने सुरक्षा निर्देश दिए हैं। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।

Key Takeaways

  • ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
  • इंटरनेट शटडाउन के बावजूद छात्रों ने सुरक्षित संपर्क किया है।
  • भारतीय दूतावास ने सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।
  • कक्षाएं 24 जनवरी तक सस्पेंड कर दी गई हैं।
  • अभिभावकों के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है।

नई दिल्ली, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में अचानक इंटरनेट बंद होने के कारण वहां अध्ययन कर रहे भारतीय मेडिकल छात्रों और उनके परिवारों की चिंता में वृद्धि हुई है। बच्चों से संपर्क न कर पाने के कारण, विशेषकर जम्मू-कश्मीर से जुड़े अभिभावकों में तनाव और बेचैनी का माहौल है।

इस पर एआईएमएसए (ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और एफएआईएमए डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन ने स्थिति की विस्तृत जानकारी दी।

डॉ. मोमिन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इंटरनेट बंद होने के कारण कई छात्रों ने वैकल्पिक तरीकों से उनसे संपर्क किया।

उन्होंने बताया कि कुछ छात्र इराक बॉर्डर के करीब चले गए थे और वहां से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से टेक्स्ट मैसेज के जरिए संपर्क किया। इन संदेशों में छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

डॉ. मोमिन ने कहा कि इस समय ईरान में लगभग 3,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 2,000 से अधिक छात्र एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल कोर्स कर रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से 1,800 से ज्यादा छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि वह सभी छात्रों के सीधे संपर्क में हैं और उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

डॉ. मोमिन के अनुसार, भारतीय दूतावास ने छात्रों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें छात्रों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे हॉस्टल में ही रहें, इंडोर गतिविधियों तक सीमित रहें और बिना जरूरत बाहर न निकलें। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है और छात्रों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ईरान में 24 जनवरी तक कक्षाएं और परीक्षाएं सस्पेंड कर दी गई हैं। इससे छात्रों को कुछ राहत मिली है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण पढ़ाई और परिवार से संपर्क दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

डॉ. मोमिन ने कहा कि पूरे दिन उन्हें तेहरान यूनिवर्सिटी, शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी, अहवाज़ और इस्फ़हान जैसे शहरों से छात्रों के फोन कॉल और मैसेज प्राप्त होते रहे। कुछ छात्रों ने बताया कि वे सुरक्षा कारणों से इराक बॉर्डर के नजदीक गए थे और वहीं से उन्होंने संपर्क किया।

उन्होंने यह भी बताया कि अभिभावकों के लिए एक अलग व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें लगभग 1,800 अभिभावक जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप के जरिए वह लगातार पेरेंट्स को छात्रों की स्थिति, दूतावास की एडवाइजरी और ताजा अपडेट्स साझा कर रहे हैं, ताकि गलत सूचनाओं और अफवाहों से बचा जा सके।

डॉ. मोमिन ने बताया कि एआईएमएसए और एफएआईएमए की ओर से प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा गया है। इस पत्र में ईरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता जताई गई है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो भारतीय नागरिकों और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दूतावास या विदेश मंत्रालय की ओर से कोई स्पष्ट एवैकुएशन प्लान घोषित नहीं किया गया है। छात्रों को केवल यह कहा गया है कि अगर स्थिति गंभीर होती है, तो उन्हें निकाला जाएगा, लेकिन अभी किसी तरह की तैयारी या निर्देश नहीं दिए गए हैं।

डॉ. मोमिन ने भरोसा दिलाया कि वह लगातार छात्रों, अभिभावकों और संबंधित संस्थाओं के संपर्क में हैं। जैसे ही स्थिति में कोई बदलाव होगा, उसकी जानकारी तुरंत पेरेंट्स और मीडिया के साथ साझा की जाएगी।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। ईरान में मौजूदा स्थिति चिंताजनक है, लेकिन डॉ. मोमिन की जानकारी और दूतावास की एडवाइजरी से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय छात्र सुरक्षित हैं। हमें इस मुद्दे पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या भारतीय छात्र ईरान में सुरक्षित हैं?
हाँ, डॉ. मोमिन ने कहा है कि सभी छात्र सुरक्षित हैं और उन्होंने इंटरनेट बंद होने के बावजूद संपर्क किया है।
भारतीय दूतावास ने क्या निर्देश दिए हैं?
दूतावास ने छात्रों को हॉस्टल में रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने के निर्देश दिए हैं।
कक्षाएं कब तक सस्पेंड की गई हैं?
ईरान में कक्षाएं और परीक्षाएं 24 जनवरी तक सस्पेंड की गई हैं।
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