क्या ईरान में पढ़ रहे छात्रों के पासपोर्ट दिलाने और हालात बिगड़ने पर निकासी की व्यवस्था की जाएगी?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता।
- पासपोर्ट की वापसी के लिए एआईएमएसए का प्रयास।
- निकासी की आवश्यकता पर जोर।
नई दिल्ली, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में अध्ययन कर रहे भारतीय चिकित्सा छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएमएसए) ने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास को एक पत्र भेजा है।
इस पत्र में एआईएमएसए ने अनुरोध किया है कि ईरान में पढ़ रहे छात्रों के पासपोर्ट लौटाने और यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो उनकी निकासी की व्यवस्था की जाए।
एआईएमएसए ने बताया कि ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे कई भारतीय छात्र वर्तमान हालात को देखते हुए भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन उनके पासपोर्ट विश्वविद्यालयों के पास जमा हैं। पासपोर्ट न मिलने के कारण छात्र यात्रा की कोई भी व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ रही है।
संघ ने कहा कि पहले जारी की गई सलाहों के बावजूद विश्वविद्यालयों द्वारा पासपोर्ट न लौटाए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए एआईएमएसए ने भारतीय दूतावास से अनुरोध किया है कि वह ईरान के संबंधित अधिकारियों और विश्वविद्यालयों से बातचीत कर छात्रों के पासपोर्ट तुरंत दिलवाने में हस्तक्षेप करे, ताकि जो छात्र भारत लौटना चाहते हैं, वे सुरक्षित रूप से लौट सकें।
इसके अलावा, एआईएमएसए ने यह भी आग्रह किया है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निकासी कदमों पर विचार करे।
संगठन ने भरोसा जताया है कि भारतीय दूतावास विदेश में रह रहे भारतीय छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा। एआईएमएसए ने कहा कि वह इस मामले में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर हर तरह की मदद उपलब्ध कराएगा। यह मामला ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।