क्या आईएसडी कॉल धोखाधड़ी में आईबीआई कोर्ट का फैसला बीएसएनएल के दो इंजीनियरों को जेल में डालता है?

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क्या आईएसडी कॉल धोखाधड़ी में आईबीआई कोर्ट का फैसला बीएसएनएल के दो इंजीनियरों को जेल में डालता है?

सारांश

लखनऊ में सीबीआई कोर्ट ने बीएसएनएल के दो इंजीनियरों को आईएसडी कॉल धोखाधड़ी के मामले में दो साल की सजा सुनाई और उन पर 10-10 लाख का जुर्माना लगाया। यह मामला 2008 में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप था कि इंजीनियरों ने अनधिकृत कॉलिंग की।

मुख्य बातें

सख्त सजा: बीएसएनएल के इंजीनियरों को दो साल की जेल।
जुर्माना: प्रत्येक पर 10-10 लाख का जुर्माना।
अनधिकृत कॉलिंग: पीसीओ मालिकों के जरिए की गई।
वित्तीय नुकसान: कुल 88,42,112 रुपए का।

लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। सीबीआई कोर्ट ने आईएसडी कॉल धोखाधड़ी के मामले में बीएसएनएल के दो इंजीनियरों को दो साल की कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

सीबीआई कोर्ट लखनऊ ने इंटरनेशनल कॉल (आईएसडी) धोखाधड़ी के मामले में बीएसएनएल, गोरखपुर के ग्रुप एक्सचेंज के दो पूर्व सब-डिविजनल इंजीनियर (एसडीई), हरि राम शुक्ला और गुलाब चंद चौरसिया, को दोषी ठहराते हुए 10-10 लाख रुपए के जुर्माने के साथ दो साल की जेल की सजा सुनाई है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 सितंबर 2008 को गोरखपुर बीएसएनएल के तत्कालीन एसडीई ग्रुप एक्सचेंज हरि राम शुक्ला, गुलाब चंद चौरसिया, गोरखपुर बीएसएनएल के तत्कालीन जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर सिया राम अग्रहरि और विभिन्न पीसीओ मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने सितंबर 2003 से सितंबर 2004 तक 6 पीसीओ मालिकों और 18 व्यक्तिगत टेलीफोन ग्राहकों के साथ आपराधिक साजिश रची और इसके अलावा, अनधिकृत रूप से उन्हें उनके स्थानीय टेलीफोन कनेक्शन पर आईएसडी सुविधाएं प्रदान कीं। उक्त पीसीओ मालिकों और व्यक्तिगत टेलीफोन ग्राहकों ने बांसगांव टेलीफोन एक्सचेंज के बजाय सीधे ट्रंक ऑटोमैटिक एक्सचेंज (टैक्स) के माध्यम से बड़ी संख्या में अनधिकृत आईएसडी कॉल किए, जिसके कारण इन कॉल को एक्सचेंज में मीटर नहीं किया गया, जिससे 88,42,112 रुपए का गलत नुकसान हुआ।

जांच के बाद, सीबीआई ने 1 मई 2010 को आरोपी हरि राम शुक्ला, गुलाब चंद चौरसिया और सिया राम अग्रहरि के खिलाफ चार्जशीट फाइल की। कोर्ट ने ट्रायल के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उसी हिसाब से सजा सुनाई। ट्रायल कोर्ट ने सिया राम अग्रहरि को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि तकनीकी और वित्तीय धोखाधड़ी के पीछे की जटिलताएँ कितनी गहरी हैं। हमें ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की गतिविधियों में संलग्न होने की हिम्मत न कर सके। यह घटना हमारे सिस्टम की सुरक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करती है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएसडी कॉल धोखाधड़ी क्या है?
आईएसडी कॉल धोखाधड़ी वह प्रक्रिया है जिसमें अनधिकृत रूप से अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग सेवाओं का लाभ उठाया जाता है, जिससे टेलीफोन सेवा प्रदाता को वित्तीय नुकसान होता है।
सीबीआई कोर्ट ने किसे सजा सुनाई?
सीबीआई कोर्ट ने बीएसएनएल के दो इंजीनियरों को आईएसडी कॉल धोखाधड़ी में दो साल की कैद और 10-10 लाख का जुर्माना सुनाया।
यह मामला कब शुरू हुआ था?
यह मामला 18 सितंबर 2008 को सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था।
कितना वित्तीय नुकसान हुआ?
इस धोखाधड़ी के चलते 88,42,112 रुपए का गलत नुकसान हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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