क्या जबलपुर में पुल निर्माण स्थल पर हादसे में एक मजदूर की जान गई?

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क्या जबलपुर में पुल निर्माण स्थल पर हादसे में एक मजदूर की जान गई?

सारांश

जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना के दौरान एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब निर्माण स्थल पर मचान गिर गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Key Takeaways

  • एक मजदूर की मौत और दो की गंभीर चोटें हुईं।
  • निर्माण स्थल पर मचान का गिरना मुख्य कारण।
  • घायल मजदूरों का इलाज जारी है।
  • प्रशासन ने जांच शुरू की।
  • सुरक्षा मानकों की अनुपालना पर सवाल उठे।

जबलपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना के दौरान रविवार रात एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें पश्चिम बंगाल के एक मजदूर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए।

यह दुर्घटना तब हुई जब निर्माण स्थल पर शटरिंग के काम को सहारा देने वाला मचान लगभग 60 फीट की ऊंचाई से गिर गया। हादसे के समय साइट पर लगभग 22 मजदूर कार्यरत थे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना भेड़ाघाट क्षेत्र के पास स्थित लालपुर गांव में हुई, जहां एक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। यह जबलपुर की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य शहर के आसपास बढ़ते यातायात दबाव को कम करना है। मचान उस ढांचे पर काम कर रहे मजदूरों पर गिरा, जिससे वे भारी कंक्रीट के मलबे के नीचे दब गए।

मृतक मजदूर की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मुरसलेम (35) के रूप में हुई है, जबकि घायल मजदूरों में रसाल (22) और राजेश्वर सिंह (21) शामिल हैं। घटनास्थल पर उनके साथी मजदूरों ने कड़ी मेहनत के बाद तीनों को मलबे से निकाला। हालांकि, मलबे के दबाव और गंभीर चोटों के कारण मुरसलेम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घायल दोनों मजदूरों को गंभीर अवस्था में निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति नाजुक बताई है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों को कई हड्डियों में फ्रैक्चर, आंतरिक चोटें और सिर में संभावित गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।

रिंग रोड एक महत्वपूर्ण शहरी विकास परियोजना है, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इस परियोजना में एलिवेटेड संरचनाओं और बड़े पैमाने पर कंक्रीटिंग का कार्य शामिल है, जिसके कारण ऊंचाई पर शटरिंग और फॉर्मवर्क के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।

अधिकारियों ने मचान गिरने के कारणों की तत्काल जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संरचनात्मक सहारे की मजबूती, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा दिशानिर्देशों के पालन में संभावित लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। श्रम विभाग के अधिकारियों और परियोजना से जुड़े ठेकेदारों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।

Point of View

जहां जीवन और सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार और ठेकेदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं।
NationPress
12/02/2026

Frequently Asked Questions

यह हादसा कब हुआ?
यह हादसा 26 जनवरी को रात के समय हुआ।
हादसे में कितने मजदूर प्रभावित हुए?
एक मजदूर की मृत्यु हुई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
घायल मजदूरों की स्थिति क्या है?
घायल मजदूरों की हालत नाजुक है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना की जांच कौन कर रहा है?
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था?
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही की आशंका जताई गई है।
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