जयशंकर ने नेपाल के गृह मंत्री गुरुंग से की मुलाकात, द्विपक्षीय व सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और नेपाल सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊँचाई देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जयशंकर ने एक्स पर बैठक की झलकियाँ साझा करते हुए कहा, 'नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर अच्छा लगा।' यह मुलाकात गुरुंग की नई दिल्ली यात्रा के दौरान हुई, जिस दौरान वे बिम्सटेक (BIMSTEC) गृह मंत्रियों की पहली बैठक में भाग लेने आए थे।
इससे एक दिन पहले, 13 अक्टूबर को, गृह मंत्री अमित शाह ने भी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान गुरुंग से द्विपक्षीय वार्ता की। शाह ने एक्स पर लिखा, 'नई दिल्ली में बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक के दौरान नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर खुशी हुई। हमने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने और हमारे क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत और नेपाल के बीच करीबी संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'
भारत की आपदा सहायता पर नेपाल का आभार
भारत में नेपाल दूतावास के अनुसार, गुरुंग ने बैठक के दौरान नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत द्वारा दी गई समय पर मदद के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने संप्रभु समानता, आपसी सम्मान और भरोसे के आधार पर दोनों देशों के लोगों के आपसी लाभ के लिए व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
नेपाली मिशन ने बताया कि बैठक मुख्य रूप से द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन पर समन्वय, अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने और आपदा की तैयारी व प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित रही।
बिम्सटेक बैठक और 'दिल्ली घोषणापत्र'
गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बिम्सटेक गृह मंत्रियों की यह ऐतिहासिक पहली बैठक 'दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाए जाने के साथ संपन्न हुई। शाह ने कहा, 'यह बैठक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करती है। हम सब मिलकर एक सुरक्षित, मजबूत और बेहतर ढंग से जुड़े हुए क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि यह छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
बैठक में आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग, कट्टरपंथ, ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध के विरुद्ध मिलकर कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया गया।
क्षेत्रीय फ्रेमवर्क का प्रस्ताव
बिम्सटेक मंच पर गुरुंग ने आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के खिलाफ क्षेत्रीय सहयोग के लिए नेपाल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सुरक्षित सूचना-साझाकरण, समन्वित प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धताओं के समय पर कार्यान्वयन पर भी जोर दिया।
नेपाली मिशन के अनुसार, गुरुंग ने सामूहिक क्षमता को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स के समर्थन से आपदा की तैयारी और प्रतिक्रिया पर एक बिम्सटेक क्षेत्रीय फ्रेमवर्क का प्रस्ताव भी रखा। गौरतलब है कि नेपाल हाल ही में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से गुजरा है, जिससे यह प्रस्ताव विशेष रूप से प्रासंगिक हो जाता है।
आगे की राह
'दिल्ली घोषणापत्र' के अनुसार बिम्सटेक सदस्य देश अब सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर एक साझा कार्ययोजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। भारत-नेपाल के बीच दो दिनों में हुई इन उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ताओं से दोनों देशों के संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है।