बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक: नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग 12 अक्टूबर को नई दिल्ली रवाना होंगे
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के गृह मंत्री सुदान गुरुंग 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली रवाना होंगे, जहाँ वे 13 अक्टूबर को आयोजित होने वाली बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में भाग लेंगे। यह गुरुंग का पदभार संभालने के बाद पहला विदेश दौरा होगा।
यात्रा की पृष्ठभूमि
गुरुंग ने 27 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी सरकार में गृह मंत्री का पद संभाला था। नेपाल के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता आनंद काफ्ले ने पुष्टि करते हुए कहा, "गृह मंत्री गुरुंग बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में हिस्सा लेने के लिए 12 अक्टूबर को नई दिल्ली जाएंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री का पूरा कार्यक्रम अभी अंतिम रूप नहीं लिया गया है।
बैठक में कौन कौन होंगे शामिल
इस ऐतिहासिक बैठक में बिम्सटेक के सात सदस्य देशों — नेपाल, भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड — के गृह मंत्री शामिल होंगे। काफ्ले के अनुसार, मंत्रिस्तरीय बैठक से पूर्व बिम्सटेक देशों के गृह सचिवों की बैठक भी होगी, जिसमें उन समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा जिनकी घोषणा मंत्रियों की बैठक के बाद की जाएगी।
बैठक का मुख्य एजेंडा
काफ्ले के अनुसार, बैठक में सदस्य देशों के बीच सीमा पार अपराध, ड्रग्स तस्करी और मानव तस्करी समेत सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि इसी साल जुलाई 2026 में नई दिल्ली में बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की पाँचवीं बैठक हुई थी, जिसमें आतंकवाद, संगठित अपराध, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ था।
संभावित द्विपक्षीय बैठकें
नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, गुरुंग बहुपक्षीय बैठक के इतर अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। इनमें भारत के गृह मंत्री अमित शाह के साथ संभावित मुलाकात भी शामिल है, हालाँकि इसे अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं मिली है। काफ्ले ने यह भी बताया कि भारत में रहने वाले नेपाली समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ भी एक बैठक हो सकती है।
बिम्सटेक सुरक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में हो रहा है जब बिम्सटेक सदस्य देश सुरक्षा मामलों में आपसी तालमेल को मज़बूत करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। 30 31 अगस्त 2018 को काठमांडू में हुए चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने कानून प्रवर्तन, खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था और गृह मंत्री स्तर पर बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया था। बिम्सटेक की वेबसाइट के अनुसार, सुरक्षा क्षेत्र में तीन उप क्षेत्र शामिल हैं — आतंकवाद और सीमा पार अपराध से मुकाबला, ऊर्जा सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन।
गुरुंग की यह यात्रा न केवल नेपाल भारत द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि पूरे बिम्सटेक ढाँचे में क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।