12 अक्टूबर 2026
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बिम्सटेक गृह मंत्रियों की ऐतिहासिक पहली बैठक 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में, बांग्लादेश-नेपाल समेत 7 देश शामिल

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बिम्सटेक गृह मंत्रियों की ऐतिहासिक पहली बैठक 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में, बांग्लादेश-नेपाल समेत 7 देश शामिल

सारांश

1997 में बिम्सटेक बनने के बाद पहली बार सात सदस्य देशों के गृह मंत्री 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में मिल रहे हैं। आतंकवाद और ट्रांसनेशनल अपराध पर चर्चा होगी — बांग्लादेश ने मंत्री की जगह वरिष्ठ सचिव भेजा है, जो क्षेत्रीय राजनीति की जटिलता को उजागर करता है।

मुख्य बातें

बिम्सटेक के 7 सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हो रही है।
यह बैठक संगठन की 1997 में स्थापना के बाद पहली मंत्री-स्तरीय सुरक्षा बैठक है।
नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग तीन दिवसीय यात्रा पर 12 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे — सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा।
बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा।
बैठक में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और ट्रांसनेशनल अपराध पर चर्चा होने की संभावना है।
मंत्रियों की बैठक से पहले बिम्सटेक गृह सचिवों की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

बिम्सटेक के सात सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है — यह 1997 में संगठन की स्थापना के बाद मंत्री स्तर पर पहली ऐसी बैठक है। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और ट्रांसनेशनल अपराध से निपटने के एजेंडे के साथ यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।

मुख्य प्रतिनिधिमंडल और भागीदारी

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग 12 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है और वे तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न मंत्री स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे।

बांग्लादेश की ओर से वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश की ओर से मंत्री नहीं, बल्कि वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारी बैठक में शामिल हो रहे हैं।

बैठक का एजेंडा और पृष्ठभूमि

बैठक से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, सदस्य देशों के बीच कई क्रॉस-कटिंग सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इन मुद्दों की सिफारिश बिम्सटेक के गृह सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की अलग-अलग तारीखों पर हुई बैठकों में पहले ही की जा चुकी है। मंत्रियों की बैठक से पहले बिम्सटेक गृह सचिवों की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

गौरतलब है कि अगस्त 2018 में काठमांडू में हुए चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने लॉ एनफोर्समेंट, इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी। उसी सम्मेलन में गृह मंत्रियों की बैठक की औपचारिक रूपरेखा तय हुई थी — जो अब करीब आठ वर्षों बाद पहली बार साकार हो रही है।

बिम्सटेक: संगठन का परिचय

बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (बिम्सटेक) में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड — कुल सात देश शामिल हैं। 1997 में स्थापित यह संगठन बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, संपर्क और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने का काम करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमापार आतंकवाद जैसी चुनौतियाँ बढ़ी हैं, जिनसे कोई भी एक देश अकेले नहीं निपट सकता।

क्या होगा आगे

यह पहली गृह मंत्री स्तरीय बैठक आगामी क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की नींव रख सकती है। बैठक में जो सिफारिशें तैयार होंगी, उन्हें भविष्य के बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में नेताओं के सामने रखे जाने की संभावना है। नेपाली अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक से काउंटरटेररिज्म और ट्रांसनेशनल क्राइम पर ठोस द्विपक्षीय और बहुपक्षीय तंत्र बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ढाका की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भारत के साथ संबंधों की नाज़ुक स्थिति को दर्शाता है। असली कसौटी यह होगी कि काउंटरटेररिज्म और ट्रांसनेशनल क्राइम पर इस बैठक से कोई बाध्यकारी तंत्र उभरता है या यह भी पिछले शिखर सम्मेलनों की तरह 'इरादे की घोषणा' बनकर रह जाती है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक क्या है और यह क्यों खास है?
यह 1997 में बिम्सटेक की स्थापना के बाद पहली बार आयोजित हो रही गृह मंत्री स्तरीय बैठक है, जो 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हो रही है। इसमें भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में सदस्य देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ट्रांसनेशनल अपराध और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग से जुड़े क्रॉस-कटिंग मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इन मुद्दों की सिफारिश पहले बिम्सटेक गृह सचिवों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठकों में की जा चुकी है।
नेपाल और बांग्लादेश की ओर से कौन शामिल हो रहे हैं?
नेपाल की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुंग तीन दिवसीय यात्रा पर 12 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुँचे — यह सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा।
बिम्सटेक में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
बिम्सटेक में सात देश — भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड — शामिल हैं। यह संगठन बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, संपर्क और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 1997 में स्थापित किया गया था।
इस बैठक की पृष्ठभूमि क्या है?
अगस्त 2018 में काठमांडू में हुए चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में नेताओं ने काउंटरटेररिज्म और ट्रांसनेशनल क्राइम पर सहयोग के लिए गृह मंत्रियों की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया था। करीब आठ वर्षों बाद यह बैठक पहली बार साकार हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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