जयशंकर, रूबियो और शेख अब्दुल्ला की मुंबई में त्रिपक्षीय बैठक; ऊर्जा, रक्षा और कनेक्टिविटी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो और यूएई के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक की। तीनों शीर्ष कूटनीतिज्ञों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विस्तृत विचार विमर्श हुआ।
बैठक का घटनाक्रम
शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान सोमवार, 19 अक्टूबर को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुँचे। मंगलवार को उन्होंने पहले एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल शामिल रहे। इसके बाद तीनों पक्षों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित हुई।
अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो भी तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं और मंगलवार को अपनी पत्नी जेनेट के साथ मुंबई हवाई अड्डे पर उतरे। उनकी जयशंकर के साथ अलग से भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई।
नेताओं ने क्या कहा
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो के साथ आज त्रिपक्षीय बैठक की। ऊर्जा, कनेक्टिविटी और वर्तमान हालात पर विचारों का आदान प्रदान किया गया।"
रूबियो ने भी अपनी पोस्ट में दो तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा करने और हमारी साझा आर्थिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री एबी ज़ायद अल नाहयान के साथ मुलाकात करना बहुत अच्छा रहा।" अमेरिका भारत द्विपक्षीय बैठक के बाद रूबियो ने इसे "अहम और सफल" करार दिया।
भारत यूएई संबंधों की गहराई
प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि एक दशक से अधिक के निरंतर सहयोग के बाद, भारत यूएई संबंध आज एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे पर वास्तव में खरे उतर रहे हैं।
उन्होंने इस वर्ष नेतृत्व स्तर के उल्लेखनीय जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए कहा, "जनवरी में यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का भारत दौरा, फरवरी में क्राउन प्रिंस शेख खालिद का एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स समिट में भाग लेना, और मई में पीएम मोदी की यूएई की आठवीं यात्रा, हमारे रिश्तों की गहराई को दर्शाती है।"
भारत अमेरिका रणनीतिक साझेदारी
जयशंकर ने भारत अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता के बारे में लिखा, "हमने अपने संबंधों को और आगे बढ़ाने पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान प्रदान हुआ।"
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब भारत अपने प्रमुख भागीदारों — अमेरिका, यूएई और खाड़ी देशों — के साथ बहुआयामी कूटनीति को तेज़ कर रहा है। गौरतलब है कि यह त्रिपक्षीय प्रारूप भारत की बढ़ती भू कूटनीतिक भूमिका और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में उसकी महत्ता को रेखांकित करता है।
आगे की राह
तीनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी के एजेंडे पर आगे की कार्रवाई अपेक्षित है। रूबियो का यह भारत दौरा अमेरिका भारत संबंधों को नई गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्षेत्रीय स्थिरता और साझा आर्थिक लक्ष्यों पर तीनों पक्षों का समन्वय आने वाले महीनों में नए समझौतों का आधार बन सकता है।