31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या जम्मू कश्मीर में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से बेटियां बन रही हैं सशक्त?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जम्मू कश्मीर में ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से बेटियां बन रही हैं सशक्त?

सारांश

जम्मू कश्मीर के रियासी में आरएसईटीआई द्वारा आयोजित एक निःशुल्क ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से 35 युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक स्वतंत्रता बल्कि कौशल विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जानिए इस कार्यक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम द्वारा युवतियों को कौशल विकास का अवसर मिल रहा है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रतिभागियों को भोजन और आवास भी निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।
ब्यूटी पार्लर व्यवसाय में कौशल सीखने का सुनहरा अवसर।
यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है।

जम्मू, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) रियासी ने एक विशेष निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें कुल 35 प्रतिभाशाली युवतियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

यह प्रशिक्षण न केवल निःशुल्क है, बल्कि प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री, भोजन और आवास भी निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवतियों के लिए तैयार किया गया है, जो स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहती हैं।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य जम्मू और कश्मीर की महिलाओं को कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करना है ताकि वे भविष्य में अपना ब्यूटी पार्लर शुरू कर सकें या किसी प्रतिष्ठित सैलून में काम कर सकें। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगी।

एसबीआई आरएसईटीआई का यह प्रयास उन अनगिनत लड़कियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है, जो पहले संसाधनों की कमी के कारण अपनी प्रतिभा को अवसर में नहीं बदल पाती थीं। यह कार्यक्रम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी पहलों को भी मजबूती देता है।

इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए संस्थान की निदेशक ने कहा, "हमारा लक्ष्य जम्मू-कश्मीर की हर लड़की को उसके सपनों को उड़ान देने में मदद करना है। यह प्रशिक्षण सिर्फ एक कोर्स नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मज़बूत कदम है।"

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) के निदेशक मुनीश शर्मा ने कहा कि हम ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काम करते हैं। वर्तमान 35-दिवसीय ब्यूटीशियन कोर्स में लगभग 30 उम्मीदवार हैं। हम दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वालों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ-साथ निःशुल्क आवास भी प्रदान करते हैं। हमारा उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर और अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करना है।

प्रशिक्षु प्रिया ने कहा कि मैं एसबीआई रियासी में ब्यूटीशियन कोर्स करने आई थी। सिर्फ़ 10 दिनों में मैंने थ्रेडिंग, मेहंदी, फेशियल, ब्लीचिंग और वैक्सिंग सीख ली है, ये सब व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ सिखाया गया। इस कोर्स ने मुझे आत्मविश्वास और ऐसे कौशल दिए हैं, जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। यहां सब कुछ - प्रशिक्षण, भोजन और रहना मुफ्त में है। जिससे हम जैसी लड़कियों को वाकई मदद मिलती है, जो बाहर जाने का खर्च नहीं उठा सकतीं। मैं इस अद्भुत अवसर के लिए भारतीय स्टेट बैंक और हमारे प्रशिक्षक की तहे दिल से शुक्रगुजार हूं।

वहीं प्रशिक्षु सोनम वर्मा ने कहा कि मैं एसबीआई आरसीटी रियासी में रोटेशनल कोर्स सीख रही हूं। महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मौका यही है कि वे यहां आकर सीख सकती हैं। यहां बिल्कुल मुफ्त में पढ़ाया जाता है। यहां एसबीआई आरसीटी की तरफ से हमें सीखने के लिए सभी अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। हमें बेसिक से लेकर एडवांस तक सभी टिप्स दिए हैं। यहां थ्रेडिंग, वैक्सिंग, मैनीक्योर, पेडीक्योर, सब कुछ सिखाया जाता है। हम खुद प्रैक्टिस भी करते हैं। जो लोग अपने बच्चों को विदेश नहीं भेज सकते, उनके लिए सबसे बड़ा मौका यही है कि वे यहां आकर सीख सकती हैं। कुछ माता-पिता पैसों की तंगी के कारण अपनी बेटियों को विदेश नहीं भेज पाते। वो एसबीआई आरसीटी रियासी में आकर मुफ्त में सीख सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। देश भर में ऐसे प्रयासों की आवश्यकता है ताकि हर महिला को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिल सके।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
क्या यह प्रशिक्षण निःशुल्क है?
हां, यह प्रशिक्षण, सामग्री, भोजन और आवास सभी निःशुल्क प्रदान किया जाता है।
इस कार्यक्रम में कितनी युवतियां भाग ले रही हैं?
इस कार्यक्रम में कुल 35 प्रतिभाशाली युवतियां भाग ले रही हैं।
प्रशिक्षण के दौरान क्या-क्या सिखाया जाता है?
प्रशिक्षण के दौरान थ्रेडिंग, मेहंदी, फेशियल, ब्लीचिंग, वैक्सिंग जैसे कौशल सिखाए जाते हैं।
इस पहल का सामाजिक प्रभाव क्या है?
यह पहल बेटियों को सशक्त बनाती है और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में प्रेरित करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले