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पीएमजीएसवाई-IV: जम्मू-कश्मीर को ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाएं मंजूर, ग्रामीण संपर्क को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

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पीएमजीएसवाई-IV: जम्मू-कश्मीर को ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाएं मंजूर, ग्रामीण संपर्क को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

सारांश

केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई-IV के तहत जम्मू-कश्मीर को एक ही चरण में ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाएं मंजूर कर दीं — दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों को स्कूल, अस्पताल और बाजारों से जोड़ने का सबसे बड़ा एकल प्रयास। साथ में ₹4,568 करोड़ की ग्रामीण आजीविका स्वीकृति और आईसीएआर कृषि रोडमैप — यह सिर्फ बुनियादी ढांचा नहीं, जम्मू-कश्मीर की मुख्यधारा में एकीकरण की रणनीति है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई-IV (बैच-II) के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 अप्रैल को श्रीनगर के एसके आईसीसी में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को स्वीकृति पत्र सौंपा।
डीएवाई-एनआरएलएम के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ₹4,568.23 करोड़ की 'मूल स्वीकृति' जारी की गई।
आईसीएआर वैज्ञानिकों की टीम जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षमता का अध्ययन कर व्यापक रोडमैप तैयार करेगी।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक चरण में इतनी बड़ी स्वीकृति को असाधारण बताया, कहा — चरण-IV शेष बस्तियों को जोड़ेगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार, 28 अप्रैल को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इस मंजूरी से क्षेत्र के दूरदराज गांवों में ग्रामीण संपर्क, कृषि और आजीविका को व्यापक बल मिलने की उम्मीद है।

स्वीकृति पत्र सौंपने का कार्यक्रम

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर के एसके आईसीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पीएमजीएसवाई-IV (बैच-II) के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का औपचारिक स्वीकृति पत्र सौंपा। चौहान ने कहा कि एक वर्ष के भीतर इस पैमाने की परियोजनाओं की मंजूरी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

योजना का उद्देश्य और दायरा

मंत्री चौहान ने स्पष्ट किया कि इस योजना का लक्ष्य केवल सड़कें बनाना नहीं, बल्कि दूरदराज के गांवों, बस्तियों और दुर्गम क्षेत्रों को स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों जैसी आवश्यक सेवाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई-IV के दोनों अनुमोदन चरणों में इस केंद्र शासित प्रदेश को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सड़कें बनाने के साथ-साथ 'दिलों को जोड़ने' के लिए भी काम कर रही है और जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए दिल और दिल्ली दोनों के दरवाजे खुले हैं।

डीएवाई-एनआरएलएम के तहत आजीविका को बढ़ावा

सड़क परियोजनाओं के अतिरिक्त, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ₹4,568.23 करोड़ से अधिक की 'मूल स्वीकृति' जारी की गई। यह राशि महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ करने और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए निर्धारित है। मंत्री ने कहा कि ध्यान केवल 'लखपति दीदियों' को तैयार करने पर नहीं, बल्कि उन्हें मजबूत और टिकाऊ उद्यमियों में बदलने पर भी है।

कृषि रोडमैप की भी घोषणा

चौहान ने यह भी घोषणा की कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम को जम्मू-कश्मीर में जलवायु, मिट्टी, जल संसाधनों और कृषि क्षमता का अध्ययन करने तथा एक व्यापक कृषि रोडमैप तैयार करने के लिए भेजा जाएगा। यह कदम क्षेत्र की कृषि उत्पादकता को वैज्ञानिक आधार पर बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और आगे की राह

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन पहलों का स्वागत करते हुए ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि एक ही चरण में इतनी बड़ी मात्रा में परियोजनाओं की स्वीकृति चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और बिखरी हुई आबादी वाले इस क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएमजीएसवाई के पूर्व चरणों ने दूरदराज के क्षेत्रों को स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजारों से जोड़कर कनेक्टिविटी में पहले ही उल्लेखनीय बदलाव ला दिया है और चरण-IV शेष बस्तियों को जोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्र सरकार का विशेष ध्यान बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ की यह स्वीकृति संख्या के लिहाज से प्रभावशाली है, लेकिन जम्मू-कश्मीर जैसे दुर्गम भूगोल में परियोजना क्रियान्वयन की गति हमेशा घोषणाओं से पीछे रही है — पीएमजीएसवाई के पूर्व चरणों में भी यही पैटर्न देखा गया। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये सड़कें समयसीमा में पूरी होती हैं और क्या स्थानीय ठेकेदारों और श्रमिकों को प्राथमिकता मिलती है। डीएवाई-एनआरएलएम की ₹4,568 करोड़ की स्वीकृति 24 राज्यों में बंटती है, इसलिए जम्मू-कश्मीर को इसमें से कितना मिलेगा — यह अभी स्पष्ट नहीं है। आईसीएआर रोडमैप की घोषणा स्वागतयोग्य है, पर इसके नतीजे वर्षों बाद ही दिखेंगे।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमजीएसवाई-IV के तहत जम्मू-कश्मीर को कितनी राशि की सड़क परियोजनाएं मिली हैं?
पीएमजीएसवाई-IV (बैच-II) के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए लगभग ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। यह स्वीकृति 28 अप्रैल को श्रीनगर में एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से सौंपी गई।
पीएमजीएसवाई-IV का उद्देश्य क्या है?
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV का उद्देश्य दूरदराज के गांवों, बस्तियों और दुर्गम क्षेत्रों को स्कूलों, अस्पतालों और बाजारों से जोड़ना है। इससे इन इलाकों को विकास की मुख्यधारा में एकीकृत किया जा सकेगा।
डीएवाई-एनआरएलएम के तहत कितनी राशि जारी की गई और इसका फायदा किसे होगा?
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ₹4,568.23 करोड़ से अधिक की 'मूल स्वीकृति' जारी की गई है। इसका लाभ महिला नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े लोगों को मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर के लिए आईसीएआर की क्या भूमिका होगी?
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों की एक टीम जम्मू-कश्मीर में जलवायु, मिट्टी, जल संसाधनों और कृषि क्षमता का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर एक व्यापक कृषि रोडमैप तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन परियोजनाओं पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ₹8,000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि एक ही चरण में इतनी बड़ी मात्रा में परियोजनाओं की स्वीकृति चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और बिखरी हुई आबादी वाले क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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