क्या जम्मू-कश्मीर के राजौरी के कालाकोट में बीआरओ की मेहनत ने बदली तस्वीर?
सारांश
Key Takeaways
- बीआरओ द्वारा सड़क की ब्लैकटॉपिंग का कार्य आरंभ किया गया है।
- स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
- केंद्र सरकार और बीआरओ की सामूहिक पहल से यह संभव हुआ है।
- अभी 3 किलोमीटर का कार्य बाकी है।
राजौरी, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के सीमांत जिले राजौरी के कालाकोट में लोगों को कई वर्षों की कठिनाइयों से राहत मिली है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कालाकोट उपखंड के बल्लि क्षेत्र में खस्ताहाल सड़क पर ब्लैकटॉपिंग का कार्य आरंभ किया है, जिसका उद्देश्य डिफेंस कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। इससे स्थानीय निवासियों में खुशी का संचार हुआ है।
इस सड़क की स्थिति वर्षों से खराब थी, जिसमें गड्ढे थे और यह यात्रियों के लिए एक गंभीर खतरा बन गई थी। सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं होती थीं और रोजमर्रा की यात्रा में कठिनाइयाँ सामने आती थीं, क्योंकि लंबे समय से इसे ठीक से मरम्मत नहीं किया गया था।
इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, बीआरओ ने सड़क पर नई ब्लैकटॉपिंग का कार्य शुरू किया है। इस कार्य से आवाजाही में आसानी होगी, दूरदराज के क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी और सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी।
स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना की है और राजौरी जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए केंद्र सरकार और बीआरओ का धन्यवाद किया है। उन्होंने बताया कि अभी लगभग 3 किलोमीटर का कार्य बाकी है, जहाँ बीआरओ के कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और जल्द ही पूरी सड़क तैयार होगी।
एक स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस सड़क की मरम्मत अनिवार्य थी। स्थानीय लोगों को वर्षों से यात्रा में कठिनाई हो रही थी। बीआरओ अब अच्छा कार्य कर रहा है। हम चाहते हैं कि बीआरओ को निरंतर कार्य मिले, जिससे सड़कें सही होंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
एक अन्य नागरिक ने कहा कि रास्ते में बहुत से गड्ढे थे, जिसके कारण अक्सर दुर्घटनाएँ होती थीं। इसके अतिरिक्त, उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बीआरओ अब अच्छा कार्य कर रहा है।