क्या जम्मू में मेडिकल कॉलेज एडमिशन विवाद के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई?

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क्या जम्मू में मेडिकल कॉलेज एडमिशन विवाद के चलते सुरक्षा बढ़ाई गई?

सारांश

जम्मू में मेडिकल कॉलेज एडमिशन विवाद के चलते सुरक्षा कड़ी की गई है। संघर्ष समिति के विरोध प्रदर्शन और सरकारी दावों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जानिए इस मुद्दे पर सभी पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।
  • संघर्ष समिति ने एडमिशन प्रक्रिया का विरोध किया है।
  • सरकार ने मेरिट के आधार पर एडमिशन की बात कही है।

जम्मू, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति (एसएमवीडीएसएस) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद मंगलवार को सिविल सचिवालय के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया।

यह संघर्ष समिति श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में गैर-हिंदू छात्रों के एडमिशन का विरोध कर रही है। समिति ने एडमिशन प्रक्रिया को रद्द करने या मेडिकल कॉलेज को बंद करने की मांग की है और हस्ताक्षर अभियान और बहिष्कार के माध्यम से अपने विरोध को तेज करने की चेतावनी दी है।

अधिकारियों ने बताया कि किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सिविल सचिवालय के बाहर तैनात किया गया है।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी को सचिवालय परिसर के पास आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संघर्ष समिति के नेताओं ने मंदिर के फंड के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है और भाजपा नेताओं तथा उपराज्यपाल से दखल देने की मांग की है।

दक्षिणपंथी संगठनों ने एडमिशन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है, इसे एक विवादित मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मेडिकल कॉलेज में सभी एडमिशन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर हैं, ना कि धर्म के आधार पर।

अधिकारियों ने दोहराया कि चयन प्रक्रिया मेडिकल एडमिशन पर लागू निर्धारित नियमों और विनियमों का पालन करती है। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में रही, और हाई-सिक्योरिटी जोन में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के एहतियाती उपाय किए गए हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कॉलेज में केवल मेरिट के आधार पर एडमिशन हुए हैं, और श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस कोई अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है।

केंद्रीय राज्य मंत्री (पीएमओ) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कठुआ में एक जन दरबार के दौरान पत्रकारों से कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जो श्री माता वैष्णो देवी मंदिर के अध्यक्ष हैं, इस समस्या को हल करने में सक्षम हैं।

Point of View

और यह आवश्यक है कि हम तथ्यों के आधार पर चर्चा करें।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

इस विवाद का मुख्य कारण क्या है?
गैर-हिंदू उम्मीदवारों के एडमिशन का विरोध है।
क्या सरकार ने इस मुद्दे पर कोई बयान दिया है?
हाँ, सरकार ने कहा है कि सभी एडमिशन मेरिट के आधार पर किए गए हैं।
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