जम्मू में 'ऑपरेशन संजीवनी': 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलो अफीम बरामद, ड्रोन तस्करी नेटवर्क की जांच
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू पुलिस ने 'ऑपरेशन संजीवनी' के तहत 21 अक्टूबर 2026 को अरनिया सेक्टर के तलहार गाँव से 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलोग्राम अफीम बरामद की है। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, यह खेप एक सीमा पार तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है जो भारतीय क्षेत्र में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थ गिराता है।
मामला कैसे आया सामने
आरएस पुरा पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि कोटली मिर्डियन (तहसील सुचेतगढ़, जिला जम्मू) निवासी सनी कुमार (26 वर्ष) अपने गाँव में एक खाई के पास नशीले पदार्थों का सेवन कर रहा है। इस सूचना के आधार पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/27 के तहत एफआईआर नंबर 186/2026 दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
पूछताछ के दौरान संदेह गहराया कि सनी कुमार ड्रोन-आधारित तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इसके बाद आरएस पुरा के एसएचओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तलहार इलाके से उक्त नशीला सामान बरामद किया।
ड्रोन नेटवर्क का संदिग्ध कनेक्शन
जाँच अधिकारियों के अनुसार, बरामद खेप का संबंध एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से कथित तौर पर है, जो सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में नशीले पदार्थ गिराता है। पुलिस अब इस नेटवर्क के आपूर्ति स्रोत, संभावित प्राप्तकर्ता और अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ी है। सुरक्षा एजेंसियाँ इसे 'नार्को-टेरर' की उभरती रणनीति के रूप में देखती हैं, जो एक साथ आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुँचाने की कोशिश करती है।
जाँच की मौजूदा स्थिति
पुलिस के अनुसार, तस्करी नेटवर्क के सभी कड़ियों की पहचान के लिए व्यापक जाँच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि खेप कहाँ से आई, इसे किसे पहुँचाया जाना था और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
यह ऑपरेशन ऐसे समय में आया है जब जम्मू पुलिस सरहदी इलाकों में नशे और आतंक के गठजोड़ को तोड़ने के लिए लगातार और सख्त अभियान चला रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह 'नार्को-टेरर' के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसियाँ इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं। ड्रोन-तस्करी नेटवर्क की जड़ें उखाड़ने के लिए अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय भी किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में नए खुलासे संभव हैं।