जमशेदपुर की शांभवी तिवारी को आईएससी बोर्ड में मिले 100% अंक, देशभर में पहला स्थान

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जमशेदपुर की शांभवी तिवारी को आईएससी बोर्ड में मिले 100% अंक, देशभर में पहला स्थान

सारांश

जमशेदपुर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की शांभवी तिवारी ने आईएससी बोर्ड परीक्षा में 100% अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान पाया — वह भी तब, जब वह एक साथ नीट की तैयारी कर रही थीं। रोज़ाना नौ घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से पूर्ण दूरी उनकी सफलता का मूलमंत्र रही।

Key Takeaways

शांभवी तिवारी ने आईएससी (12वीं) बोर्ड परीक्षा 2025 में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। वह जमशेदपुर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा हैं; सीआईएससीई आधिकारिक टॉपर सूची जारी नहीं करता। शांभवी प्रतिदिन नौ घंटे पढ़ाई करती थीं और पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहीं। उनका अगला लक्ष्य डॉक्टर बनना है; 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा पर अब पूरा ध्यान। पिता राकेश रमन ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव और माँ निभा सिन्हा पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका हैं।

जमशेदपुर की शांभवी तिवारी ने काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की आईएससी (12वीं) बोर्ड परीक्षा 2025 में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। झारखंड के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस छात्रा ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल किया, हालांकि सीआईएससीई आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की सूची जारी नहीं करता।

उपलब्धि और उत्सव का माहौल

शांभवी की इस असाधारण सफलता की खबर मिलते ही सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल और उनके परिवार में जश्न का माहौल बन गया। शिक्षकों और मित्रों ने मिठाइयाँ बाँटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाया। स्कूल प्रबंधन ने शांभवी की इस सफलता को अन्य छात्रों के लिए बड़ी प्रेरणा बताया है। गौरतलब है कि आईएससी बोर्ड परीक्षा में पूर्ण अंक हासिल करना अत्यंत दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

परिवार की पृष्ठभूमि

शांभवी के पिता राकेश रमन ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। उनकी माँ निभा सिन्हा शहर के सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षित और अनुशासित पारिवारिक वातावरण बच्चों की शैक्षणिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पढ़ाई का अनुशासन और रणनीति

शांभवी के पिता राकेश रमन ने मीडिया को बताया कि उनकी बेटी ने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी, जिससे उनका ध्यान पूर्णतः अध्ययन पर केंद्रित रहा। शांभवी प्रतिदिन लगभग नौ घंटे पढ़ाई करती थीं और स्कूल के नियमित दिनों में भी कक्षाओं के बाद देर रात तक दो घंटे का अतिरिक्त अध्ययन करती थीं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा और मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारियों के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाया और नियमित मॉक टेस्ट के ज़रिये अपनी तैयारी को परखते हुए आगे बढ़ीं।

अगला लक्ष्य: नीट और डॉक्टर बनने का सपना

शांभवी का अगला लक्ष्य डॉक्टर बनना है और वह अब 3 मई को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रही हैं। पिता के अनुसार, शांभवी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर अनुशासित और आत्मनिर्भर रही हैं और उन पर कभी पढ़ाई का बाहरी दबाव नहीं डाला गया। अपनी इस बड़ी कामयाबी का श्रेय शांभवी ने अपने माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।

शांभवी का संदेश

शांभवी का छात्रों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सोशल मीडिया जैसे भटकाव से दूरी बनाकर किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी यह सफलता उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की एक साथ तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में नीट परीक्षा के नतीजे बताएंगे कि शांभवी की यह अटूट मेहनत मेडिकल क्षेत्र में भी उन्हें नई ऊँचाइयों तक ले जाती है या नहीं।

Point of View

जिससे यह दावा परिवार और स्कूल के स्तर पर ही सत्यापित होता है। इसके साथ ही, एक ही समय में बोर्ड और नीट दोनों की तैयारी करना भारतीय छात्रों पर बढ़ते दोहरे शैक्षणिक दबाव को रेखांकित करता है — जिस पर नीति-निर्माताओं को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

शांभवी तिवारी ने आईएससी बोर्ड में कितने अंक प्राप्त किए?
शांभवी तिवारी ने सीआईएससीई की आईएससी (12वीं) बोर्ड परीक्षा 2025 में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए और देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया। हालांकि सीआईएससीई आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की सूची जारी नहीं करता।
शांभवी तिवारी कौन से स्कूल की छात्रा हैं?
शांभवी तिवारी झारखंड के जमशेदपुर स्थित सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा हैं। उनके पिता राकेश रमन ऑल इंडिया रेडियो में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव और माँ निभा सिन्हा सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री शिक्षिका हैं।
शांभवी तिवारी की पढ़ाई की रणनीति क्या थी?
शांभवी प्रतिदिन लगभग नौ घंटे पढ़ाई करती थीं और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखती थीं। स्कूल के दिनों में भी वह कक्षाओं के बाद दो घंटे का अतिरिक्त अध्ययन करती थीं और नियमित मॉक टेस्ट के ज़रिये अपनी तैयारी को परखती थीं।
शांभवी तिवारी का अगला लक्ष्य क्या है?
शांभवी का लक्ष्य डॉक्टर बनना है और वह 3 मई को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी में पूरी तरह जुटी हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा और नीट की तैयारी के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाया।
सीआईएससीई टॉपर्स की सूची क्यों जारी नहीं करता?
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) की नीति के अनुसार वह आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की सूची सार्वजनिक नहीं करता। इसलिए शांभवी के प्रथम स्थान की जानकारी स्कूल और परिवार के माध्यम से सामने आई है।
Nation Press