जामताड़ा के चेगायडीह में तालाब में डूबे तीन बच्चे, गाँव में पसरा मातम
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के जामताड़ा ज़िले के सदर थाना क्षेत्र के चेगायडीह गाँव में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोपहर के वक्त तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। तीनों बच्चे खेलते-खेलते गाँव के चिरकुटोला स्थित तालाब के पास पहुँचे और उसमें समा गए। ग्रामीणों को जब तक खबर मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान पाँच वर्षीय आर्यन अंसारी (पुत्र जसीमुद्दीन अंसारी), करीब छह वर्षीय नासिर अंसारी (पुत्र तबारक अंसारी) और करीब छह वर्षीय अमर सोहेल (पुत्र सजाउद्दीन अंसारी) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे एक ही गाँव के निवासी थे और आपस में पड़ोसी थे।
घटनाक्रम
ग्रामीणों ने तालाब में कूदकर बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक तीनों की साँसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही जामताड़ा सदर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। हादसे की परिस्थितियों की जाँच जारी है।
गाँव में शोक का माहौल
तीनों बच्चों की मौत की खबर फैलते ही चेगायडीह में कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। आस-पास के ग्रामीण शोक संतप्त परिवारों के घर पहुँचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। इलाके में गहरे दुख और सन्नाटे का माहौल है।
झारखंड में डूबने की बढ़ती घटनाएँ
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब सितंबर 2026 में झारखंड के विभिन्न ज़िलों में तालाब, नदी, चेकडैम और अन्य जलाशयों में डूबने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 सितंबर को पलामू में करमा पूजा के दौरान कोयल नदी में पाँच लोगों की जान गई, और उसी दिन नानी झरिया में करम डाली विसर्जन के वक्त एक 16 वर्षीय किशोरी की भी डूबकर मौत हुई — यानी अकेले पलामू में उस दिन छह जानें गईं।
24 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर में पानी भरे गड्ढे में सात वर्षीय गुलशन टुडू और तीन वर्षीय एंजेल टुडू की मौत हुई। इसके अलावा मंझारी क्षेत्र में 35 वर्षीय शत्रुघ्न गोप, धनबाद के बाघमारा में 13 वर्षीय शीतल कुमारी (जिसका शव करीब 20 घंटे बाद बरामद हुआ) और गुमला के सिसई क्षेत्र में 36 वर्षीय सुकरू उरांव की भी डूबने से जान गई — परिजनों के अनुसार उरांव करम पर्व के बाद ससुराल से घर लौट रहे थे और रास्ते में लापता हो गए थे। गोड्डा के बसंतराय क्षेत्र में चेकडैम में तीन बच्चों के डूबने की घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो को बचा लिया गया।
गौरतलब है कि मानसून और उत्सव के मौसम में जलाशयों के पास बच्चों की निगरानी की कमी इन हादसों की प्रमुख वजह बनती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों की घेराबंदी और जागरूकता अभियानों की सख्त ज़रूरत है।