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क्या जन्माष्टमी पर रात 12 बजे एक छोटा सा उपाय करने से श्रीकृष्ण की कृपा बरसेगी?

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क्या जन्माष्टमी पर रात 12 बजे एक छोटा सा उपाय करने से श्रीकृष्ण की कृपा बरसेगी?

सारांश

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और साथ में वास्तु शास्त्र के आसान उपाय अपनाएं। जानें कैसे रात 12 बजे के उपाय से आप उनके आशीर्वाद को प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्य बातें

जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण की पूजा करें।
गंगाजल का छिड़काव करें।
बांसुरी अर्पित करें।
तुलसी का पूजा में प्रयोग करें।
रात 12 बजे मंत्र का जाप करें।

नई दिल्ली, 16 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। हर वर्ष भाद्रपद की अष्टमी तिथि पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पूरे देश में गहरी श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन होते हैं, घरों में झूले सजते हैं और भक्त उपवास रखकर भगवान का जन्म उत्सव मनाते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर लोग कान्हा की विधि-विधान से पूजा करते हैं, लेकिन अगर पूजा के साथ-साथ वास्तु शास्त्र में बताए गए कुछ सरल उपाय किए जाएं, तो भगवान श्रीकृष्ण शीघ्र प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें। वहां गंगाजल का छिड़काव करें ताकि वातावरण पवित्र हो जाए। इसके बाद भगवान राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थान पर पश्चिम दिशा की ओर मुख करके रखें। साथ ही उनके पास लड्डू गोपाल की एक छोटी सी मूर्ति या तस्वीर भी अवश्य रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और हर काम में शुभता आती है।

भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बहुत प्रिय है। जन्माष्टमी के दिन आप उन्हें एक छोटी सी बांसुरी अर्पित करें। यह बांसुरी आपके जीवन में मिठास और शांति लाने का संकेत मानी जाती है। साथ ही घर की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।

इस खास दिन पर तुलसी का भी बहुत महत्व है। तुलसी के बिना श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है, क्योंकि तुलसी माता को भगवान विष्णु की पत्नी लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसलिए पूजा में तुलसी दल अवश्य शामिल करें। आप राधा-कृष्ण को तुलसी की माला पहनाकर या उनके सामने घी का दीपक जलाकर तुलसी के पास रखें। इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

रात को ठीक 12 बजे, जब श्रीकृष्ण का जन्म माना जाता है, तब एक घी का दीपक जलाएं और शांत मन से 'श्री कृष्णम् शरणम् मम' मंत्र का जाप करें। यह मंत्र भगवान की कृपा पाने के लिए बहुत असरदार माना जाता है।

वास्तु शास्त्र में एक और सरल उपाय यह है कि जन्माष्टमी के दिन कदंब के पेड़ की एक छोटी सी टहनी लाकर पूजा स्थान पर रखें। कदंब का पेड़ श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है। मान्यता है कि इससे घर में प्रेम, सुख और सौभाग्य बना रहता है।

घर में बरकत के लिए भगवान श्रीकृष्ण को पीले रंग के कपड़े पहनाएं और पीले फूलों की माला अर्पित करें। साथ ही पंचामृत यानी दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करें और माखन-मिश्री का भोग लगाएं। यह भोग श्रीकृष्ण को बहुत पसंद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में प्रेम और एकता का संदेश भी देता है। इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन्माष्टमी पर पूजा का सही समय क्या है?
जन्माष्टमी की पूजा रात 12 बजे की जानी चाहिए, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म माना जाता है।
क्या जन्माष्टमी पर केवल उपवास करना चाहिए?
उपवास के साथ-साथ कुछ वास्तु उपाय भी करने चाहिए, जिससे भगवान की कृपा जल्दी प्राप्त हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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