क्या जसीर वानी ने एनआईए कोर्ट में अपने वकीलों से मिलने की इजाजत मांगी?
सारांश
Key Takeaways
- जसीर वानी ने एनआईए कोर्ट में आवेदन दिया है।
- दिल्ली ब्लास्ट में 13 लोगों की जान गई।
- एनआईए जांच कर रही है कि वानी की भूमिका क्या थी।
- जैश-ए-मोहम्मद का लिंक सामने आया है।
- आरोपियों ने 200 बम बनाने की योजना बनाई थी।
नई दिल्ली, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकवादी डॉ. उमर मुहम्मद के सहयोगी जसीर बिलाल वानी ने एनआईए कोर्ट में एक आवेदन दिया है, जिसमें उसने एजेंसी मुख्यालय पर अपने वकीलों से मिलने की अनुमति मांगी है। यह जानकारी शनिवार को सूत्रों से मिली।
पटियाला हाउस एनआईए कोर्ट शनिवार को वानी की इस अर्जी पर सुनवाई करेगी। एनआईए ने जसीर बिलाल वानी को आतंकवादी डॉ. उमर का सक्रिय सह-साजिशकर्ता बताया है। उसे 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया था। एनआईए ने वानी को दिल्ली ब्लास्ट के मामले में कोर्ट में पेश किया, जिसमें 13 लोगों की जान गई थी।
एजेंसी के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि उसने कथित तौर पर आतंकवादी हमलों के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी। यह भी बताया गया कि वह जानलेवा कार बम विस्फोट से पहले ड्रोन को संशोधित करने और रॉकेट बनाने की कोशिशों में शामिल था।
आरोपी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी है और उसने आतंकवादी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर आतंकवादी हमले की योजना बनाई थी।
एनआईए बम विस्फोट की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए विभिन्न कोणों से जांच कर रही है। एंटी-टेरर एजेंसी की कई टीमें विभिन्न सुरागों का पीछा कर रही हैं और हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने के लिए कई राज्यों में तलाशी ले रही हैं।
इस बीच, पुलिस ने 10 नवंबर को दिल्ली के प्रसिद्ध लाल किले के पास हुए विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद के लिंक को जोड़ने में सफलता पाई है। पुलिस को पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटर ने ही आरोपियों को बम बनाने की तकनीक सिखाई थी।
एक और महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ है कि आरोपी 200 बम बनाने की योजना बना रहे थे, जिन्हें दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में एक साथ विस्फोट करने का इरादा था। योजना उत्तर भारत के राज्यों में बम विस्फोट करने की थी, और इसके लिए आईएसआई ने फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा रहे आरोपियों को प्रशिक्षण देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटर को चुना था। अधिकारियों ने आतंकवादी मॉड्यूल की जांच को तेज कर दिया है।