क्या 'सनातन के सम्मान में कमी नहीं आएगी'? अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर मंत्री जयवीर सिंह बोले- जल्द सुलझाएंगे मामला
सारांश
Key Takeaways
- सनातन का अपमान नहीं किया जा सकता।
- जयवीर सिंह ने जल्द विवाद सुलझाने का आश्वासन दिया।
- यूपी दिवस और यूपी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
लखनऊ, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के प्रयागराज माघ मेला स्नान को लेकर उत्पन्न विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी सनातन का अपमान नहीं कर सकता। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस पूरे विवाद को शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा।
मंत्री जयवीर सिंह ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "किसी का अपमान नहीं किया जा रहा है। यह मामला एक-दो दिन में सुलझ जाएगा। सनातन का सम्मान हमेशा रहेगा और इसमें कोई कमी नहीं आएगी। हमारी सरकार सनातन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जानी जाती है।"
इसी बीच, मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि शनिवार को 'यूपी दिवस' का मुख्य समारोह लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मंत्री और अधिकारी कार्यक्रम में भाग लेंगे। गांव और ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न कला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर पांच व्यक्तियों को उत्तर गौरव सम्मान भी दिया जाएगा, जिन्होंने राज्य को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जयवीर सिंह ने कहा कि इस वर्ष देश के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में यूपी महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें स्थानीय नेताओं की अगुवाई में कार्यक्रम होंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूत भी शामिल होंगे। अन्य देशों में जहां उत्तर प्रदेश के लोग अधिक प्रवास करते हैं, वहां भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लखनऊ के कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा के 'अमेठी में राहुल गांधी के चुनाव हारने का कारण कांग्रेस का मैनेजमेंट था' बयान पर जयवीर सिंह ने कहा, "देश पहले से ही यह महसूस कर रहा था और अब पार्टी के सदस्य भी इसे समझने लगे हैं। जनता ऐसे नेताओं को नहीं चाहती जो केवल अड़ियल या नकारात्मक हों, बल्कि उन्हें रचनात्मक और सकारात्मक नेतृत्व की आवश्यकता है। इसलिए कांग्रेस अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।"