क्या राजस्थान के झालावाड़ में बीमा राशि के लिए वाहन चोरी के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ?

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क्या राजस्थान के झालावाड़ में बीमा राशि के लिए वाहन चोरी के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ?

सारांश

राजस्थान के झालावाड़ में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फाइनेंस किए गए वाहनों को खुर्द-बुर्द कर बीमा राशि हड़पने में लगा था। गिरोह के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कुछ अन्य राज्यों के बदमाश भी शामिल हैं। जानिए इस कहानी में और क्या है खास।

मुख्य बातें

गिरोह का पर्दाफाश पुलिस की तत्परता का परिणाम है।
फाइनेंस किए गए वाहनों के झूठे मुकदमे दर्ज कराना गंभीर अपराध है।
संगठित अपराधों की पहचान और रोकथाम आवश्यक है।

झालावाड़, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के झालावाड़ में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, इस जिले में फाइनेंस किए गए ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को खुर्द-बुर्द कर चोरी के झूठे मुकदमे दर्ज कराए जाते थे, और हनी ट्रैप जैसी तकनीकों से धन ऐंठने का कार्य किया जाता था।

झालावाड़ जिले के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि एक गुप्त सूचना के तहत पता चला कि कुछ आपराधिक तत्वों ने मिलकर गैंग बना लिया है जो ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाहनों को फाइनेंस पर लेकर कुछ दिनों बाद ही उन्हें खुर्द-बुर्द कर देता था। इसके बाद झूठे चोरी के मुकदमे दर्ज कर लाखों की बीमा राशि हड़पने का काम किया जाता था।

सूत्रों के अनुसार, थाना सारोला के एचएस हेमराज सुमन अपने कुछ सहयोगियों और कुछ यूपी के बदमाशों के साथ मिलकर इस अवैध धंधे में लिप्त थे। एसपी ने कहा कि आरोपी हेमराज अपनी स्विफ्ट डिजायर गाड़ी में अलग-अलग लड़कियों, पुलिस की वर्दी और हथियार रखते थे, जिनकी मदद से वे हनी ट्रैप में फंसाकर और झूठे मुकदमे दर्ज करवाने की धमकी देकर धन वसूल करते थे।

इसके अलावा, हेमराज और उसके साथी गांव के गरीब लोगों को धोखे में डालकर उनकी जमीन पर लोन/फाइनेंस कराते थे और फिर खुद ही अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें खुर्द-बुर्द कराते थे। बताया गया कि 6 महीने पहले भी एक महिंद्रा ट्रैक्टर को फाइनेंस पर उठाकर झूठा चोरी का मुकदमा दर्ज कर बीमा राशि हड़पी गई थी।

आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न विशेष टीमों का गठन किया गया, जिसके अंतर्गत अकलेरा के किशनपुरिया निवासी सीमा मीणा सहित गैंग के 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

एसपी ने यह भी बताया कि संगठित अपराधों की जांच में आरोपियों के घरों की तलाशी और उनके मोबाइल में ट्रैक्टरों, वाहनों, जमीनों, मादक पदार्थों और हथियारों के अवैध कारोबार के साक्ष्य मिले हैं। इस गिरोह में यूपी और अन्य स्थानों के 20-25 से अधिक बदमाश शामिल हैं और अब तक झालावाड़ बारा सहित राजस्थान और मध्य प्रदेश से सैकड़ों ट्रैक्टरों के खुर्द-बुर्द होने की जानकारी मिली है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झालावाड़ में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
झालावाड़ में पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह का मुख्य कार्य क्या था?
गिरोह का मुख्य कार्य फाइनेंस किए गए वाहनों को खुर्द-बुर्द करके झूठे मुकदमे दर्ज कराना था।
पुलिस ने गिरोह के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया और गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
राष्ट्र प्रेस
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