क्या झारखंड के चाईबासा में माओवादियों से हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली की मौत?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या झारखंड के चाईबासा में माओवादियों से हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली की मौत?

सारांश

झारखंड के चाईबासा में हालिया मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक महिला नक्सली को मार गिराया। इस अभियान की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ यह एक बड़ी सफलता है। क्या यह झारखंड में नक्सली गतिविधियों को खत्म करने में मदद करेगा?

मुख्य बातें

महिला नक्सली की मौत से सुरक्षाबलों की सफलता 16 नक्सली मारे गए, जिसमें 15 नक्सली एक दिन पहले मारे गए थे अनल दा का नाश नक्सली गतिविधियों पर असर डाल सकता है सुरक्षा बलों का सघन अभियान जारी है नक्सलियों की संख्या घटी है, आत्मसमर्पण की अपील

चाईबासा/रांची, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। किरीबुरू थाना क्षेत्र के बीहड़ कुमड़ी और हिंजोदिरी गांव के बीच शुक्रवार सुबह फिर से हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली को मार गिराया गया।

इस ऑपरेशन के साथ ही मारे गए नक्सलियों की कुल संख्या अब 16 हो गई है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को सारंडा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सली मारे गए थे।

सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह ने जानकारी दी कि गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे ‘ऑपरेशन मेधा बुरु’ के तहत 209 कोबरा, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया था। इस दौरान अनल उर्फ पतिराम मांझी के सशस्त्र दस्ते ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई।

कई चरणों में चली मुठभेड़ के बाद मौके से 15 नक्सलियों के शव, बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई। मारे गए नक्सलियों में अनमोल उर्फ सुशांत (बीजेएसएसी), अमित मुंडा (आरसीएम), पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अल्दा, बबिता, पूर्णिमा, सूरजमुनी और जोंगा शामिल हैं। इनमें से कई नक्सलियों पर झारखंड, ओडिशा और एनआईए द्वारा लाखों रुपये के इनाम घोषित थे।

अनल उर्फ पतिराम मांझी गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र का निवासी था। उस पर झारखंड में एक करोड़ रुपये, ओडिशा में एक करोड़ 20 लाख रुपये और एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ कुल 149 आपराधिक मामले दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक चाईबासा के कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हुए कई आईईडी विस्फोटों और हिंसक घटनाओं में उसके दस्ते की अहम भूमिका रही है।

आईजी साकेत कुमार सिंह ने बताया कि अनल दा के मारे जाने से ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर निर्णायक असर पड़ेगा। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 50 से 60 के बीच रह गई है। झारखंड पुलिस ने शेष बचे नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है। वर्तमान में पूरे सारंडा क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस मुद्दे को जड़ से खत्म करने के लिए और प्रयासों की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाईबासा में मुठभेड़ कब हुई?
यह मुठभेड़ 23 जनवरी को हुई थी।
इस मुठभेड़ में कितने नक्सली मारे गए?
इस मुठभेड़ में एक महिला नक्सली समेत कुल 16 नक्सली मारे गए हैं।
क्या सुरक्षाबलों ने अन्य नक्सलियों को भी पकड़ा?
इस मुठभेड़ में 15 नक्सलियों के शव और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए।
झारखंड में नक्सलियों की संख्या कितनी है?
इस मुठभेड़ के बाद झारखंड में सक्रिय नक्सलियों की संख्या 50 से 60 के बीच रह गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले