26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या झारखंड के लातेहार में पहली टाइगर सफारी की शुरुआत हो रही है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या झारखंड के लातेहार में पहली टाइगर सफारी की शुरुआत हो रही है?

सारांश

झारखंड में पहली टाइगर सफारी की शुरुआत की जा रही है, जो स्थानीय लोगों के लिए नई रोजगार संभावनाएं लाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों के साथ मिलकर इस परियोजना की दिशा-निर्देश दिए हैं। यह सफारी पलामू टाइगर रिजर्व के निकट विकसित होगी और पर्यटन को बढ़ावा देगी।

मुख्य बातें

राज्य की पहली टाइगर सफारी की शुरुआत होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं।
यह परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का स्रोत बनेगी।
परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देगी।
यह वन्यजीव पर्यटन का नया आयाम प्रस्तुत करेगी।

रांची, 17 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में राज्य की पहली टाइगर सफारी जल्द ही शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को अपने कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित टाइगर सफारी प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन देखा और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

यह झारखंड का पहला टाइगर सफारी प्रोजेक्ट होगा, जिसे पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) क्षेत्र के बाहर विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। इस योजना के तहत यह सफारी बेतला नेशनल पार्क के निकट विकसित की जाएगी, जिससे डाल्टनगंज, बरवाडीह और मंडल डैम क्षेत्र के स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि यह परियोजना सभी निर्धारित मानकों का पालन करते हुए तैयार की जाएगी। यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत नेतरहाट, बेतला, केचकी से लेकर मंडल डैम तक इको-टूरिज्म सर्किट के विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

अधिकारियों ने कहा कि सफारी के निर्माण से राज्य में वन्यजीव पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और पर्यटकों को बाघों और अन्य वन्यजीवों को निकट से देखने का आकर्षक अवसर प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के दौरान परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी ली और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश दिए कि कार्यान्वयन में पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम भी बनेगा।

इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) परितोष उपाध्याय, पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एसआर नाटेश, उप निदेशक प्रजेश जेना, कंसल्टेंट अशफाक अहमद सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आर्थिक लाभ का स्रोत बनेगी। इस प्रोजेक्ट का पर्यावरणीय प्रभाव और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाइगर सफारी कब शुरू होगी?
हालांकि तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है, लेकिन यह जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
यह टाइगर सफारी कहाँ स्थित होगी?
यह सफारी लातेहार जिले के पुटूवागढ़ क्षेत्र में बेतला नेशनल पार्क के निकट विकसित की जाएगी।
इस परियोजना से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर और आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे।
क्या यह सफारी पर्यटकों को वन्यजीव देखने का मौका देगी?
जी हाँ, यह सफारी पर्यटकों को बाघों और अन्य वन्यजीवों को निकट से देखने का अवसर प्रदान करेगी।
क्या यह परियोजना पर्यावरण के लिए सुरक्षित है?
मुख्यमंत्री ने कहा है कि परियोजना के कार्यान्वयन में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले