क्या झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग का गवाह बनेगा?

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क्या झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग का गवाह बनेगा?

सारांश

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त से पुनः शुरू हुआ, जिसमें शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने की मांग जोर पकड़ रही है। क्या यह सदन इस प्रस्ताव को पारित करेगा? जानें इस महत्वपूर्ण सत्र के बारे में और क्या है शिबू सोरेन का योगदान।

मुख्य बातें

शिबू सोरेन का योगदान महत्वपूर्ण है।
भारत रत्न देने की मांग से सम्मान बढ़ेगा।
सदन में कई सदस्यों ने समर्थन जताया।
शोक प्रकाश के दौरान कई हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई।
सत्र 28 अगस्त तक चलेगा।

रांची, 22 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को पुनः आरंभ हुआ। पहले दिन ही सदन में झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न प्रदान करने की मांग उठी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शोक प्रकाश के दौरान यह मांग प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि समाज सुधार, आदिवासी एवं वंचित समाज के अधिकारों के लिए शिबू सोरेन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्हें सम्मानित करने के लिए सदन से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।

सदन में उपस्थित अनेक सदस्यों ने मेज थपथपाकर इस मांग का समर्थन किया। जनता दल यूनाइटेड के विधायक सरयू राय ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि दिशोम गुरु के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने भारत रत्न की मांग का समर्थन किया।

आजसू पार्टी के विधायक निर्मल महतो ने सदन से आग्रह किया कि शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाए। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो ने झारखंड की सबसे ऊंची पहाड़ी पारसनाथ पर शिबू सोरेन एवं प्रमुख झारखंड आंदोलनकारियों की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।

पूर्व में सदन के नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सदन में राज्य के दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मल्लिक, वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह एवं उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं में मृत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। शोक प्रकाश के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। पहले दिन वित्तीय मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 4,296 करोड़ 62 लाख का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया।

यह ध्यान देने योग्य है कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक निर्धारित था, लेकिन 4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के कारण इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। 22 अगस्त से पूरक मानसून सत्र आरंभ हुआ है, जो 28 अगस्त तक चलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक कदम हो सकता है। ऐसे समय में जब समाज के विभिन्न वर्गों की पहचान और अधिकारों की बात की जा रही है, यह मांग एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र कब शुरू हुआ?
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 22 अगस्त 2025 को पुनः शुरू हुआ।
शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग क्यों उठाई गई?
शिबू सोरेन के समाज सुधार और आदिवासी अधिकारों के लिए किए गए कार्यों के सम्मान में भारत रत्न देने की मांग की गई।
राष्ट्र प्रेस
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