क्या जिहादी मानसिकता से ग्रसित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है: विनोद बंसल?
सारांश
Key Takeaways
- जिहादी मानसिकता को पहचानना आवश्यक है।
- पुलिस प्रशासन को सक्रियता से कदम उठाने चाहिए।
- समाज में शांति और सुरक्षा के लिए सभी को सजग रहना होगा।
नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यह आरोप लगाया कि जुमा (शुक्रवार) के आस-पास अचानक पत्थरबाजों की तादाद में वृद्धि हो जाती है। यह चिंताजनक है कि मस्जिद से निकलने के बाद लोग पत्थरबाजों की भूमिका निभाने के लिए तत्पर हो जाते हैं। ऐसे में उनकी भूमिका पर सवाल उठते हैं, जिसे हमें गंभीरता से लेना चाहिए।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह स्थिति आज की नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से देखने को मिल रही है कि जुमा के दिन जिहादी तत्व सक्रिय हो जाते हैं। अब इस तरह की स्थिति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
विनोद बंसल ने कहा कि हमें इस जिहादी मानसिकता को समझना होगा। बिना समझे हम आगे कदम नहीं उठा सकते। हाल ही में पत्थरबाजी की घटनाएं देखने को मिली हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को इन जिहादी मानसिकता से प्रभावित लोगों को पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि हम समय पर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आने वाले दिनों में लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। हमें ऐसे लोगों को शीघ्र पहचानना चाहिए।
विनोद बंसल ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि ये लोग कानून व्यवस्था की बात करते हैं, लेकिन उसका पालन नहीं करते। ऐसे लोग आज समाज में अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।
इस प्रकार की स्थिति हमारे समाज के लिए एक गंभीर संकट उत्पन्न कर रही है। ऐसे मामलों में हमें पुलिस प्रशासन के लिए आंख, कान और नाक बनना होगा, तभी स्थिति सामान्य हो सकेगी। यदि हम समय पर कदम नहीं उठाते हैं, तो स्थिति अप्रिय हो सकती है।