क्या जेएनयू में लगे नारों से देश में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल?
सारांश
Key Takeaways
- प्रवीण खंडेलवाल ने जेएनयू में विवादास्पद नारों पर प्रतिक्रिया दी।
- उन्होंने देशविरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने वालों की आलोचना की।
- एसआईआर मुद्दा अब निष्क्रिय हो चुका है।
- बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता जताई।
- कानून को अपना काम करने देने की बात कही।
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में उठाए गए विवादास्पद नारों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं, जो देशविरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करते हैं।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं, जो देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर है और वैश्विक स्तर पर एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है, लेकिन कुछ लोग इसे मानने को तैयार नहीं हैं और राजनीति में चमकाने के लिए भड़काऊ बयान देते हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि कानून अपना काम करेगा। सभी एजेंसियों से आग्रह है कि उचित कार्रवाई की जाए।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर पर जताए गए असंतोष पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब निष्क्रिय हो चुका है। ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन कोर्ट ने इसे चुनाव आयोग का हिस्सा मान लिया है। इसीलिए बिहार में एसआईआर हो चुका है, बंगाल में भी हो रहा है और पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा। वोटर लिस्ट को सुधारने की आवश्यकता है, यह देशहित में है। ममता बनर्जी चाहें कोर्ट जाएं, एसआईआर जारी रहेगा।
सनातन पर सपा नेता के बयान पर उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि वह खुद को सनातनी मानते हुए भी ऐसे बयान दे रहे हैं। सनातन देश की आत्मा, प्राण और मूल है। इसे समझना चाहिए। जो लोग इसे नहीं समझते, जनता उनकी दुर्गति करती है। अगला नंबर समाजवादी पार्टी का होगा।
बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर खंडेलवाल ने चिंता जताते हुए कहा कि यह चिंताजनक है। अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा होनी चाहिए। हमारी सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं और बांग्लादेश की स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।