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भारत और अमेरिका के संबंधों में बढ़ती गहराई और विविधता

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भारत और अमेरिका के संबंधों में बढ़ती गहराई और विविधता

सारांश

अमेरिका में भारतीय राजनयिकों और नेताओं के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठकें, व्यापार, ऊर्जा, और रणनीतिक सहयोग को लेकर नई संभावनाएँ। जानें, कैसे भारत-अमेरिका संबंधों में नई ऊँचाइयाँ छूने का अवसर मिल रहा है।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में वृद्धि ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर हनीवेल के साथ साझेदारी में विकास द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग

वॉशिंगटन, 28 फरवरी (आईएएनएस) इस हफ्ते अमेरिका में भारतीय राजनयिकों और अमेरिका के प्रमुख नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई।

बिस्मार्क में, सिएटल के भारतीय कॉन्सुल जनरल, प्रकाश गुप्ता ने नॉर्थ डकोटा की गवर्नर केली आर्मस्ट्रांग और फर्स्ट लेडी जेर्स्टी आर्मस्ट्रांग के साथ डिनर पर मुलाकात की।

इंडिया इन सिएटल ने 27 फरवरी को कहा, “आज बिस्मार्क में गवर्नर केली आर्मस्ट्रांग और फर्स्ट लेडी जेर्स्टी आर्मस्ट्रांग को डिनर पर होस्ट करना एक अच्छा अनुभव रहा। भारत-नॉर्थ डकोटा के द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में उनके समर्थन के लिए गवर्नर का धन्यवाद।”

गवर्नर आर्मस्ट्रांग ने इस बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा, “बिस्मार्क की यात्रा के दौरान प्रकाश गुप्ता के साथ हमारी मीटिंग बहुत सफल रही। हमारे पास भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने के कई अवसर हैं, विशेषकर कृषि, निर्माण और ऊर्जा के क्षेत्र में। मैं इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हूं।”

ह्यूस्टन में, कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ ने 24 फरवरी को हनीवेल की फैसिलिटी का दौरा किया और इस दौरान कंपनी के अधिकारियों तथा यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के सदस्यों से मुलाकात की।

बैठक में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति, नई उभरती तकनीक, बाजार में बदलाव और हनीवेल की विकास यात्रा पर चर्चा की गई। दूतावास ने बताया कि यह जानकर खुशी हुई कि अमेरिका के बाहर भारत, हनीवेल के लिए सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत और दीर्घकालिक सहयोग का प्रतीक है।

इस बातचीत में टाटा हनीवेल की विरासत और हनीवेल इंडिया के विकास पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भविष्य में ऊर्जा परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और उन्नत औद्योगिक स्वचालन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

यह दौरा हनीवेल के एक्सपीरियंस सेंटर के दौरे के साथ समाप्त हुआ, जिसमें “इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देने वाले अत्याधुनिक समाधान” प्रदर्शित किए गए। दूतावास ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग आगे भी जारी रहेगा।

इसके अतिरिक्त, साउथ और सेंट्रल एशिया के असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट पॉल कपूर ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के 2026 ग्लोबल इंडिया कॉन्फ्रेंस में अपने विचार साझा किए। उन्होंने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के साथ भागीदारी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों के नागरिकों को लाभ होगा।

कपूर ने कैमडेन, न्यू जर्सी में होल्टेक के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब का दौरा किया। वहां उन्होंने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस सिंह से मुलाकात की।

उन्होंने बताया कि होलटेक की परमाणु ऊर्जा से संबंधित निवेश योजनाओं और भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग पर चर्चा हुई। यह सहयोग रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। व्यापार, ऊर्जा और उन्नत प्रौद्योगिकी दोनों देशों के संबंधों के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इसके अलावा, दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र और क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने की दिशा में अग्रसर है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और अमेरिका के संबंधों में क्या नई बातें हुईं?
हाल ही में अमेरिका में भारतीय राजनयिकों और नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा, और रणनीतिक सहयोग पर महत्वपूर्ण बैठकें हुईं।
क्या इस सहयोग से व्यापार में वृद्धि होगी?
जी हाँ, दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने के कई अवसर हैं, विशेषकर कृषि, निर्माण और ऊर्जा के क्षेत्र में।
हनीवेल और भारत के बीच क्या सहयोग है?
हनीवेल की भारत में मौजूदगी और इसके विकास पर चर्चा हुई है, जिसमें ऊर्जा परिवर्तन और औद्योगिक स्वचालन के क्षेत्रों में सहयोग शामिल है।
भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार का क्या आंकड़ा है?
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है।
क्या भारत और अमेरिका मिलकर सुरक्षा मुद्दों पर काम कर रहे हैं?
जी हां, अमेरिका और भारत मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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