जेपी नड्डा का विपक्ष पर तीखा हमला, लोकतंत्र के प्रति अनादर का आरोप

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जेपी नड्डा का विपक्ष पर तीखा हमला, लोकतंत्र के प्रति अनादर का आरोप

सारांश

राज्यसभा में विपक्ष के रवैये पर जेपी नड्डा ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को न तो बहस में रुचि है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों की कोई परवाह। जानिए, नड्डा ने ओबीसी मुद्दे पर क्या कहा।

Key Takeaways

  • जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की निंदा की।
  • ओबीसी मुद्दे पर बहस ने सदन में हंगामा खड़ा किया।
  • विपक्ष का संविधान और संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति अनादर।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा में सोमवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता सदन जेपी नड्डा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया अलायंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को न तो बहस में रुचि है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय प्रक्रियाओं का कोई सम्मान है।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का आचरण यह दर्शाता है कि उन्हें संविधान और संसद की कार्यवाही के नियमों का भी आदर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब एक सदस्य को शून्यकाल में बोलने का समय दिया गया, तब विपक्षी सांसदों ने लगातार व्यवधान उत्पन्न किया।

दरअसल, इससे पहले शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद डॉ के लक्ष्मण ने ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी से मुस्लिम समुदाय को बाहर किए जाने का मुद्दा उठाया था। शून्यकाल के दौरान इस विषय को उठाते हुए उन्होंने कहा था कि ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मिलना चाहिए और इसे धर्म के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्ष के नेता इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन नियम के मुताबिक ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में विपक्ष ने सदन से वॉक आउट किया।

वहीं जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार इस बात का संकेत है कि उन्हें लोकतांत्रिक और संसदीय प्रक्रियाओं में विश्वास नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस से बचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी दल वर्षों से वोट बैंक की राजनीति और तुष्टिकरण की नीति अपनाते रहे हैं, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओबीसी श्रेणी में मुस्लिमों को आरक्षण देने का प्रावधान संविधान में नहीं है और इस विषय पर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने भी पूर्व में आपत्ति जताते हुए इसे निरस्त किया था। साथ ही उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि ओबीसी श्रेणी मूल रूप से सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर निर्धारित की गई थी।

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसी भी मुद्दे पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से भी सकारात्मक भागीदारी की अपील की। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और कहा कि इस तरह की राजनीति से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने विपक्ष को नई सोच के साथ आगे बढ़ने और सार्थक बहस में भाग लेने की सलाह दी।

Point of View

लेकिन इस पर संवाद और बहस की आवश्यकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

जेपी नड्डा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष को न तो बहस में रुचि है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।
ओबीसी मुद्दे पर भाजपा सांसद ने क्या कहा?
भाजपा सांसद डॉ के लक्ष्मण ने कहा कि ओबीसी आरक्षण का लाभ केवल सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को मिलना चाहिए, इसे धर्म के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए।
क्या विपक्ष ने सदन से वॉक आउट किया?
हाँ, विपक्ष ने सदन से वॉक आउट किया जब उन्हें अपने विचार रखने का मौका नहीं मिला।
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