जूनागढ़ के ऊपरकोट किले का कायाकल्प: गुजरात का नया पर्यटन केंद्र
सारांश
Key Takeaways
- ऊपरकोट किला: ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण
- कायाकल्प: करोड़ों की लागत से किया गया
- प्राकृतिक सौंदर्य: पर्यटकों के लिए नया अनुभव
- सुविधाएं: रोप-वे और आवागमन की बेहतरीन व्यवस्था
- लाइट एंड साउंड शो: यादगार अनुभव के लिए योजना
जूनागढ़, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के गिरनार पहाड़ियों की तलहटी में स्थित ऐतिहासिक ऊपरकोट किला अब पर्यटकों के लिए एक नए आकर्षण के रूप में उभर रहा है। ‘विरासत भी, विकास भी’ की नीति के तहत राज्य सरकार ने इसका संरक्षण और कायाकल्प किया है।
कहा जाता है कि इस प्राचीन किले का निर्माण लगभग 2300 वर्ष पहले, 319 ईसा पूर्व में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा किया गया था। समय के साथ यह किला जर्जर हो गया था, लेकिन गुजरात सरकार ने इसके संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए करोड़ों रुपए निवेश कर इसका कायाकल्प किया है। करीब तीन वर्षों तक चले रेस्टोरेशन कार्य के बाद, यह किला अब फिर से पर्यटकों के लिए खोला गया है।
पुनर्विकास के बाद, पर्यटक यहाँ केवल जूनागढ़ के समृद्ध इतिहास का अनुभव नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद ले रहे हैं।
पर्यटक मोनिल जिंजुवाडिया ने कहा कि ऊपरकोट किले का “100 प्रतिशत विकास” हुआ है। पहले यहां सुविधाओं की कमी थी, लेकिन अब व्यापक बदलाव साफ नजर आ रहा है। वहीं, पर्यटक हिना ने भी कहा कि किले का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है और अब यहाँ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अब रोप-वे की सुविधा और आवागमन की बेहतरीन व्यवस्था से यहाँ पहुँचना आसान हो गया है।
राज्य सरकार ने किले के परिसर में स्थित ऐतिहासिक धरोहरों जैसे कड़ी वाव, नवघन कुवो और रणकदेवी महल का भी जीर्णोद्धार कराया है। साथ ही, पर्यटकों को एक यादगार अनुभव देने के लिए यहाँ लाइट एंड साउंड शो शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
जूनागढ़ के एसडीएम चरण सिंह गोहिल ने बताया कि ऊपरकोट में स्थित तालाब, महल, तोप और रानी का महल प्रमुख आकर्षण हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से यहाँ निरंतर विकास हो रहा है और जल्द ही लेजर साउंड शो भी शुरू किया जाएगा।
ऊपरकोट किले के अलावा, गुजरात सरकार ने गिरनार रोपवे, महाबत मकबरा और भवनाथ मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों का भी अभूतपूर्व विकास किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में किए जा रहे इन प्रयासों से जूनागढ़ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रहा है। सरकार की इन पहलों के कारण जूनागढ़ आज केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।