क्या जनता दरबार में लोगों की समस्याओं के समाधान से संतुष्टि मिलती है?: पीयूष गोयल
सारांश
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कांदिवली, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के कांदिवली पश्चिम स्थित लोक कल्याण कार्यालय में सोमवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने लोगों की समस्याओं को सुना और त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जनता दरबार में समस्याओं का समाधान कर लोगों को संतोष प्राप्त होता है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि लोक कल्याण कार्यालय का मुख्य उद्देश्य है जनता की समस्याओं का समाधान करना और वैध मामलों में सहायता प्रदान करना। उन्होंने बताया कि वे हर 10 दिन में जनता से मिलकर समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देते हैं। इस प्रकार न्याय मिलने से लोगों को संतोष मिलता है।
उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक महिला के परिजन एयरलाइंस में कार्यरत थे और उनके साथ दुर्घटना हो गई थी। कंपनी द्वारा देय मुआवजे में देरी हो रही थी, जिसे तत्काल हल किया गया। स्लम रिहैबिलिटेशन, बीएमसी और पुलिस से संबंधित मुद्दों पर भी कार्रवाई की जा रही है। अवैध कब्जों और मेट्रो क्षेत्र में नए अतिक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर और पुलिस को निर्देशित किया गया है।
एक मीडिया प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने झुग्गीवासियों को पक्के मकान देने का संकल्प लिया है। इस दिशा में प्रदेश सरकार सक्रिय है। अधूरे प्रोजेक्ट छोड़ने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और सरकारी एजेंसियां इन्हें पूरा करने के प्रयास में लगी हुई हैं।
पीड़ित निमी कुलदीप चौहान ने बताया कि उन्होंने जनता दरबार में अपनी समस्या रखी थी कि एक बाजार में शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। उनकी आवाज उठाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन जनता दरबार में 150 लोगों ने इस समस्या पर हस्ताक्षर किए। उन्हें उम्मीद है कि मंत्री पीयूष गोयल शीघ्र ही इस समस्या का समाधान करेंगे।