19 अक्टूबर 2026
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कन्नौज पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियाँ, BJP बोली — 'पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'

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कन्नौज पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियाँ, BJP बोली — 'पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'

सारांश

कन्नौज में सपा के पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियाँ भाजपा के लिए राजनीतिक हथियार बन गईं। योगी सरकार के मंत्रियों ने एक के बाद एक वार किए — सबसे तीखा था 'पीडीए यानी परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' का तंज, जो सपा की सामाजिक गठबंधन की राजनीति की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

कन्नौज में सपा के पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों को लेकर BJP ने 19 अक्टूबर 2026 को तीखा हमला बोला।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि सपा ने राज्यसभा नामांकन में पिछड़े, दलित या अल्पसंख्यक की जगह परिवार के सदस्य को प्राथमिकता दी।
मंत्री दया शंकर सिंह ने पीडीए को 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' करार दिया।
सपा ने 26 नवंबर संविधान दिवस पर घोषणापत्र जारी करने की घोषणा की है, जिस पर BJP ने कांग्रेस के आपातकाल का हवाला देते हुए सवाल उठाए।
मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने सांसद चंद्रशेखर आजाद की बिजनौर चुनाव चुनौती को खारिज किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के कन्नौज में आयोजित पीडीए सम्मेलन में खाली पड़ी कुर्सियों और 26 नवंबर को संविधान दिवस पर घोषणापत्र जारी करने की घोषणा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 19 अक्टूबर 2026 को सपा पर तीखा हमला बोला। योगी सरकार के तीन मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव तथा सांसद चंद्रशेखर आजाद को निशाने पर लिया।

मंत्री अंसारी का पलटवार

योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा, 'समाजवादी पार्टी ने हमेशा पीडीए के साथ धोखा किया है और पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक अब इस बात को समझ चुके हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा के पास राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवार नामित करने का अवसर था, तब पिछड़े, दलित या अल्पसंख्यक समुदाय की जगह एक धनी व्यक्ति और परिवार के एक सदस्य को चुना गया। अंसारी ने कहा कि सपा उत्तर प्रदेश में 'पूरी तरह आधारहीन' हो चुकी है और घोषणापत्र से पहले 2012-2017 के अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करे।

योगी को चुनौती पर मंत्री का जवाब

सांसद चंद्रशेखर आजाद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर से चुनाव लड़ने की चुनौती देने पर मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने तो अखिलेश यादव को पहले ही आमंत्रित किया है — पूरा विपक्ष एकजुट होकर वहाँ से चुनाव लड़ ले, जनता अपना जवाब दे देगी।' यादव ने चंद्रशेखर के बारे में कहा कि वह किसी तरह लोकसभा चुनाव जीते हैं और इस तरह की 'हरकतें' करते रहते हैं।

संविधान दिवस और कांग्रेस पर हमला

सपा द्वारा 26 नवंबर को घोषणापत्र लाने की योजना पर मंत्री दया शंकर सिंह ने माँग की कि पार्टी पहले यह ऐलान करे कि वह कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की थी — ऐसे दल के साथ संविधान दिवस पर घोषणापत्र जारी करना विरोधाभासी है।' उन्होंने यह भी कहा कि देश-विरोधी तत्वों और गद्दारों का समर्थन नहीं होना चाहिए।

पीडीए का अर्थ — 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'

दया शंकर सिंह ने सीधे कहा, 'पीडीए का मतलब सिर्फ परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है — यह सिर्फ परिवार के बारे में है।' इसी सुर में भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने कहा कि सपा ने पीडीए की परिभाषा बार-बार बदली है — कभी 'पी' का मतलब पंडित, कभी पिछड़ा, कभी पीड़ित; 'ए' कभी आधी आबादी, कभी अल्पसंख्यक। पाठक के अनुसार, यही कारण है कि जनता अभी तक यह नहीं समझ पाई कि पीडीए का असल अर्थ क्या है।

विधायक गुर्जर का आरोप

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि अखिलेश यादव का संविधान की बात करना 'अपने आप में मजाक है', क्योंकि सपा ने कभी डॉ. भीमराव अंबेडकर को 'भू-माफिया' कहा था। यह टिप्पणी सपा और दलित राजनीति के बीच के तनाव को रेखांकित करती है, जो उत्तर प्रदेश की चुनावी सियासत में लगातार प्रासंगिक बनी हुई है। गौरतलब है कि कन्नौज को सपा अपना पारंपरिक गढ़ मानती है और वहाँ सम्मेलन में कम भीड़ भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार उसकी धार इसलिए तेज़ है क्योंकि पीडीए की परिभाषा खुद सपा के भीतर से अस्पष्ट बनी हुई है। राज्यसभा नामांकन में परिवार को वरीयता देने का आरोप — अगर तथ्यात्मक रूप से सटीक है — तो यह सपा के सामाजिक न्याय के दावे की विश्वसनीयता के लिए असली चुनौती है, न कि भाजपा के बयानों से।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्नौज पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों का विवाद क्या है?
समाजवादी पार्टी द्वारा कन्नौज में आयोजित पीडीए सम्मेलन में कथित तौर पर बड़ी संख्या में कुर्सियाँ खाली रहीं, जिसे भाजपा ने सपा की जन-आधार में कमज़ोरी का प्रमाण बताया। भाजपा मंत्रियों ने इसे उत्तर प्रदेश में पार्टी के 'आधारहीन' होने की निशानी करार दिया।
भाजपा के लिए 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' का क्या अर्थ है?
मंत्री दया शंकर सिंह और भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने आरोप लगाया कि सपा का पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) नारा असल में परिवार-केंद्रित राजनीति है, इसलिए उन्होंने इसे व्यंग्य में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' कहा। पाठक ने यह भी कहा कि सपा ने पीडीए की परिभाषा बार-बार बदली है।
सपा 26 नवंबर को किसलिए घोषणापत्र जारी करने की योजना बना रही है?
26 नवंबर को संविधान दिवस होता है और सपा ने इस दिन अपना घोषणापत्र जारी करने की घोषणा की है। भाजपा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पार्टी को पहले कांग्रेस से गठबंधन न करने का ऐलान करना चाहिए, जिसने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कमज़ोर किया था।
चंद्रशेखर आजाद ने योगी को क्या चुनौती दी और भाजपा ने कैसे जवाब दिया?
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही अखिलेश यादव को आमंत्रित किया है और पूरा विपक्ष एकजुट होकर वहाँ से लड़ सकता है — जनता अपना जवाब देगी।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने राज्यसभा नामांकन को लेकर सपा पर क्या आरोप लगाया?
मंत्री अंसारी ने आरोप लगाया कि जब सपा के पास राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवार नामित करने का मौका था, तब उसने पिछड़े, दलित या अल्पसंख्यक की जगह एक धनी व्यक्ति और परिवार के एक सदस्य को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पीडीए के घटक समुदाय अब सपा के इरादों को समझ चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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