कपिल शर्मा के कैफे गोलीबारी मामले में कनाडा पुलिस ने परदीप सिंह व सवीर खान पर तय किए आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के सरे शहर में भारतीय कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी की घटनाओं से जुड़े मामले में ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने 22 वर्षीय परदीप सिंह और सवीर खान के खिलाफ आरोप तय करने की घोषणा की है। दोनों आरोपियों को 1 नवंबर 2025 को सरे से गिरफ्तार किया गया था और वे अभी हिरासत में हैं।
आरोप और घटनाक्रम
दोनों आरोपियों पर दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में लापरवाही से हथियार चलाने के दो-दो आरोप लगाए गए हैं — प्रत्येक घटना के लिए एक-एक आरोप। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी अदालत में सिद्ध होने बाकी हैं।
पुलिस द्वारा जारी तारीख और स्थान का विवरण 16 अक्टूबर 2025 को कपिल शर्मा के कैफे 'कप्स कैफे' पर हुए हमले से मेल खाता है। उस समय कैफे बंद था, लेकिन भीतर दो कर्मचारी मौजूद थे — गोलीबारी में दोनों सुरक्षित रहे और किसी को चोट नहीं आई।
दूसरी घटना और जांच का दायरा
इससे चार दिन पहले, 12 अक्टूबर 2025 को 103ए एवेन्यू के 13000 ब्लॉक स्थित एक आवासीय परिसर पर भी गोलीबारी की गई थी, जिसमें एक महिला घायल हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध स्थापित होने के बाद प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स ने जांच की कमान अपने हाथ में ले ली। गिरफ्तारी में सरे पुलिस सेवा और ब्रिटिश कोलंबिया की संयुक्त विशेष प्रवर्तन इकाई ने भी सहयोग किया।
वरिष्ठ अधिकारी की प्रतिक्रिया
आरसीएमपी के वरिष्ठ अधिकारी चीफ सुपरिंटेंडेंट डंकन पाउंड ने बताया कि आरोप तय होने से पहले एक वर्ष से अधिक समय तक जांच चली, जिसमें तलाशी वारंट, न्यायिक अनुमति और साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण शामिल था। उन्होंने कहा कि पुलिस इन घटनाओं से स्थानीय समुदाय में उत्पन्न चिंताओं को पूरी तरह समझती है और साझा करती है। पाउंड ने यह भी कहा कि ये आरोप जबरन वसूली से जुड़ी हिंसा के खिलाफ विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सफल समन्वय का प्रतीक हैं।
पृष्ठभूमि: पहले भी निशाना बन चुका है कप्स कैफे
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 की घटना से पहले भी कप्स कैफे को दो बार गोलीबारी का निशाना बनाया जा चुका था। हमलावरों के नजरिए से बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए थे। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिटिश कोलंबिया में जबरन वसूली से जुड़ी हिंसक घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
ब्रिटिश कोलंबिया सरकार ने सितंबर 2025 में इस प्रांतीय जबरन वसूली निरोधक टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसका उद्देश्य प्रांत भर में ऐसी घटनाओं की जांच में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
क्या होगा आगे
पुलिस की ओर से जारी जानकारी में दोनों गोलीबारी की घटनाओं के पीछे किसी विशेष जबरन वसूली की मांग का उल्लेख नहीं किया गया है। आरोपियों की राष्ट्रीयता की भी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दोनों आरोपी फिलहाल हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई अदालत में जल्द होने की संभावना है।