11 अगस्त 2026
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कर्नाटक बजट में दूरदर्शिता की कमी, जनता की निराशा: बीवाई विजयेंद्र

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कर्नाटक बजट में दूरदर्शिता की कमी, जनता की निराशा: बीवाई विजयेंद्र

सारांश

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बजट को निराशाजनक बताया, जिसमें उन्होंने दूरदर्शिता की कमी और शिक्षा क्षेत्र में कटौती की आलोचना की।

मुख्य बातें

कर्नाटक का बजट निराशाजनक बताया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में आवंटन में कटौती की गई है।
सिद्धारमैया के ऋण का स्तर बढ़ा है।

बेंगलुरु, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य का बजट प्रस्तुत करके जनता को निराश किया है।

मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ने बजट पढ़ना शुरू किया, तो ऐसा लगा जैसे इसे किसी लेखक ने लिखा हो।

उन्होंने आगे कहा कि सुनने में यह बहुत अच्छा लगा और शायद पढ़ने में भी अच्छा लगता होगा, लेकिन इससे राज्य की जनता को कोई लाभ नहीं हुआ है। अपने 17वें बजट के माध्यम से उन्होंने जनता को खाली घड़ा दे दिया है।

राज्य सरकार के ऋणों का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि पिछले बजट में राज्य सरकार ने 1.16 लाख करोड़ रुपए का ऋण लिया था, जबकि 2025-26 के बजट में यह ऋण 1.32 लाख करोड़ रुपए आंका गया है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिर्फ पिछले तीन वर्षों में सिद्धारमैया ने 4.39 लाख करोड़ रुपए का ऋण लिया है, जो उनका अब तक का रिकॉर्ड है।

विजयेंद्र ने कहा कि यह एक नीरस बजट है जिसमें कोई दूरदर्शिता नहीं है।

भाजपा नेता ने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री बजट पढ़ रहे थे, तब उन्होंने सत्ताधारी कांग्रेस विधायकों को देखा और उनमें अरुचि पाई।

उन्होंने दावा किया कि सत्ताधारी कांग्रेस के कुछ विधायकों ने वरिष्ठ विधायकों से संपर्क करके कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें गुमराह किया है।

विजयेंद्र के अनुसार, केवल सात या आठ मंत्री ही उपस्थित थे, जबकि अन्य मंत्री और कांग्रेस विधायक बजट में उदासीन प्रतीत हुए।

उन्होंने राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन में कटौती की भी आलोचना की, जिसे उन्होंने प्राथमिकता क्षेत्र बताया।

विजयेंद्र ने कहा कि पिछली बार शिक्षा के लिए 12 प्रतिशत आवंटित किया गया था, लेकिन इस बार इसे कम कर दिया गया है। किसी भी प्राथमिकता क्षेत्र को महत्व नहीं दिया गया है। पूंजी निवेश को भी प्राथमिकता नहीं दी गई है, और बजट विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत नहीं किया गया है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि किसी ने भी ऐसे राज्य बजट की उम्मीद नहीं की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई है और युवाओं को प्राथमिकता देने या रोजगार के अवसर पैदा करने में विफल रहे हैं।

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी पांच गारंटी योजनाओं के लिए धन जुटाने में असमर्थ होने के कारण बार-बार आबकारी विभाग पर निर्भर है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस वर्ष भी आबकारी विभाग से 45,000 करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद कर रहे हैं।

विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य को शराबखोरों का राज्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सिंचाई परियोजनाओं पर पर्याप्त ध्यान न देने और उत्तरी कर्नाटक के विकास के प्रति चिंता न दिखाने के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीवाई विजयेंद्र ने बजट के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बजट में दूरदर्शिता की कमी है और यह जनता को निराश करता है।
शिक्षा के लिए बजट आवंटन में क्या बदलाव हुआ है?
पिछले बजट में शिक्षा के लिए 12 प्रतिशत आवंटित किया गया था, जबकि इस बार इसे कम किया गया है।
सिद्धारमैया ने कितने ऋण का उल्लेख किया?
सिद्धारमैया ने पिछले बजट में 1.16 लाख करोड़ रुपए का ऋण लिया था, जो इस बार 1.32 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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