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बेंगलुरु: 'बुरी आत्मा भगाने' के बहाने महिला से बलात्कार के आरोप में पुजारी गिरफ्तार, जानकारी लीक करने वाला कांस्टेबल सस्पेंड

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बेंगलुरु: 'बुरी आत्मा भगाने' के बहाने महिला से बलात्कार के आरोप में पुजारी गिरफ्तार, जानकारी लीक करने वाला कांस्टेबल सस्पेंड

सारांश

बेंगलुरु में पुजारी सतीश पात्री ने बुरी आत्मा भगाने का झाँसा देकर महिला का यौन शोषण किया। एक महीने की फरारी के बाद जेपी नगर से गिरफ्तारी हुई। मामले का चौंकाने वाला पहलू यह कि पुलिस का ही कांस्टेबल आरोपी को बचाता रहा — यह अंधविश्वास और तंत्र की नाकामी, दोनों की कहानी है।

मुख्य बातें

सतीश पात्री नामक पुजारी को बेंगलुरु के जेपी नगर से गिरफ्तार किया गया; आरोप है कि उसने बुरी आत्मा भगाने के बहाने महिला का कई बार यौन शोषण किया।
अपराध चिक्कमगलुरु जिले के मेदनाहकलु गाँव और शिवमोगा जिले के कुदुरेगुंडी में कथित तौर पर अंजाम दिए गए।
शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी करीब एक महीने तक फरार रहा।
पुरा पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल कांतेश को जाँच की जानकारी लीक करने के आरोप में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दयामा के आदेश पर निलंबित किया गया।
मामले में 'कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2017' और बलात्कार की धाराएँ दोनों दर्ज की गई हैं।
प्रारंभिक जाँच में एक नाबालिग लड़की से जुड़ा पुराना मामला भी सामने आया; आरोपी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

कर्नाटक पुलिस ने बेंगलुरु के जेपी नगर इलाके से पुजारी सतीश पात्री को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने बुरी आत्माओं को भगाने का झाँसा देकर एक महिला के साथ कई बार बलात्कार किया। इस मामले में चिक्कमगलुरु जिले के एनआर. पुरा पुलिस स्टेशन से जुड़े कांस्टेबल कांतेश को भी निलंबित किया गया है, जिस पर आरोपी को जाँच से संबंधित जानकारी लीक कर उसे गिरफ्तारी से बचाने में मदद करने का आरोप है।

घटनाक्रम: कैसे दिया गया धोखा

पुलिस के अनुसार, सतीश पात्री ने पीड़ित महिला के परिवार को यह विश्वास दिलाया कि वह उसे बुरी आत्माओं के साये से मुक्त करा सकता है। इसी बहाने वह उसे चिक्कमगलुरु जिले के मेदनाहकलु गाँव ले गया, जहाँ कथित तौर पर दुर्गापरमेश्वरी मंदिर ले जाने का नाटक करते हुए उसने यौन शोषण किया। इसके बाद आरोपी उसे शिवमोगा जिले के तीर्थहल्ली के निकट कुदुरेगुंडी भी ले गया, जहाँ कथित तौर पर यही अपराध दोहराया गया।

एक महीने तक फरार रहा आरोपी

शिकायत दर्ज होने के बाद सतीश पात्री करीब एक महीने तक फरार रहा। जाँच में यह भी सामने आया कि उसे पुलिस विभाग के भीतर से ही सूचना मिल रही थी, जिससे वह हर बार पुलिस के पहुँचने से पहले ठिकाना बदल लेता था। अंततः कोप्पा पुलिस को बेंगलुरु में उसके छिपे होने की सूचना मिली और एक विशेष अभियान चलाकर उसे जेपी नगर से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिसकर्मी पर आरोप और निलंबन

जाँच के दौरान पता चला कि एनआर. पुरा पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल कांतेश ने आरोपी को मामले की संवेदनशील जानकारी साझा की और पुलिस दल के पहुँचने से पहले उसे सतर्क किया। इस कारण आरोपी बार-बार पकड़ से बच निकलता रहा। लीक के आरोपों की जाँच के बाद चिक्कमगलुरु के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दयामा ने कांस्टेबल को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया।

कानूनी धाराएँ और पुराना मामला

पुलिस ने एनआर. पुरा पुलिस स्टेशन में 'कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2017' के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि कोप्पा पुलिस ने बलात्कार का आरोप लगाया है। प्रारंभिक जाँच में एक पुराना मामला भी सामने आया, जिसमें आरोपी पर एक नाबालिग लड़की के साथ भी इसी तरह के व्यवहार का आरोप था। इसके बाद सोशल मीडिया पर आरोपी से जुड़े वीडियो वायरल हो गए, जिससे जनता में व्यापक आक्रोश फैल गया।

आगे की जाँच

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है और आरोपी की अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है। यह घटना अंधविश्वास की आड़ में होने वाले अपराधों और पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार, दोनों को एकसाथ रेखांकित करती है — एक ऐसे समय में जब कर्नाटक में महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर न्याय में देरी। कांस्टेबल द्वारा सूचना लीक करना यह भी बताता है कि ऐसे मामलों में पुलिस तंत्र की जवाबदेही स्वयं सवालों के घेरे में है। कर्नाटक में 'काला जादू रोकथाम अधिनियम, 2017' के बावजूद ऐसी घटनाएँ बार-बार होती हैं, जो कानून के क्रियान्वयन में गहरी खामियाँ दर्शाती हैं। जब तक पुलिस के भीतर की मिलीभगत पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, ऐसे अपराधी कानून की आँखों में धूल झोंकते रहेंगे।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में पुजारी सतीश पात्री को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
पुजारी सतीश पात्री पर आरोप है कि उसने बुरी आत्मा भगाने का बहाना बनाकर एक महिला को चिक्कमगलुरु और शिवमोगा जिलों में ले जाकर कई बार यौन शोषण किया। उसे बेंगलुरु के जेपी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया।
कांस्टेबल कांतेश को क्यों सस्पेंड किया गया?
एनआर. पुरा पुलिस स्टेशन के कांस्टेबल कांतेश पर आरोप है कि उसने मामले की जाँच से जुड़ी जानकारी आरोपी पुजारी को लीक की और पुलिस के पहुँचने से पहले उसे सतर्क किया, जिससे वह बार-बार फरार होने में सफल रहा। चिक्कमगलुरु के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार दयामा ने जाँच के बाद उसे निलंबित करने का आदेश दिया।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
एनआर. पुरा पुलिस स्टेशन में 'कर्नाटक अमानवीय कुप्रथाओं और काले जादू की रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम, 2017' के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोप्पा पुलिस ने अलग से बलात्कार का मामला दर्ज किया है।
क्या आरोपी के खिलाफ पहले से कोई मामला था?
हाँ, प्रारंभिक जाँच में एक पुराना मामला सामने आया जिसमें आरोपी पर बुरी आत्मा भगाने के बहाने एक नाबालिग लड़की के साथ भी अनुचित व्यवहार का आरोप था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आरोपी के वीडियो वायरल होने के बाद जनता में व्यापक आक्रोश फैला।
आरोपी पुजारी को गिरफ्तार करने में इतनी देरी क्यों हुई?
शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी करीब एक महीने तक फरार रहा। जाँच में पता चला कि उसे पुलिस के भीतर से ही जानकारी मिल रही थी, जिससे वह हर बार पुलिस के पहुँचने से पहले ठिकाना बदल लेता था। अंततः कोप्पा पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया।
राष्ट्र प्रेस
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