कर्नाटक: भाजपा युवा मोर्चा नेता भरत बीएस बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार, बेंगलुरु में छिपा था आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने सोमवार, 25 मई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) युवा मोर्चा के नेता और वकील भरत बीएस को बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया। यह मामला शिवमोग्गा जिले के भद्रावती शहर के पेपरटाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी व्यापक तलाश शुरू की।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस को पक्की सूचना मिली कि भरत बीएस बेंगलुरु में एक परिचित के घर छिपा हुआ है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने रविवार देर रात छापामारी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भद्रावती लाया गया।
आरोपों का विवरण
पुलिस के अनुसार, भरत बीएस पीड़िता के पति का मित्र था और इंस्टाग्राम के माध्यम से उसने 23 वर्षीया पीड़िता से जान-पहचान बढ़ाई थी। आरोप है कि वह इस दंपती की किराने की दुकान पर भी नियमित रूप से आता था और वहाँ महिला को अनुचित तरीके से छूकर परेशान करता था।
पुलिस के बयान के अनुसार, 11 अप्रैल को पीड़िता के पति ने उसे बताया था कि उसका मित्र भरत घर आएगा और उससे कुछ धनराशि लेनी है। जब महिला घर पर अकेली थी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी ने महिला को गंभीर परिणाम भुगतने और बदनाम करने की धमकी दी तथा पैसे लेकर फरार हो गया।
आरोप है कि 25 अप्रैल को आरोपी कथित तौर पर दुकान पर पुनः आया और उसने दोबारा महिला का यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
बाद में जब पीड़िता के पति ने उसका मोबाइल फोन देखा तो पाया कि आरोपी को इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किया गया है। पूछताछ करने पर महिला ने रोते हुए पूरी घटना बताई। इसके बाद दंपती ने महिला के व्हाट्सएप से आरोपी से चैट करके उसके इरादों का पर्दाफाश किया और भद्रावती के पेपरटाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
राजनीतिक पहलू
आरोपी भरत बीएस की पहचान भाजपा युवा मोर्चा के नेता के रूप में होने से यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। गौरतलब है कि कर्नाटक में इस समय कांग्रेस की सरकार है और विपक्षी दलों की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। पुलिस ने अभी तक किसी राजनीतिक दबाव की बात से इनकार किया है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। पीड़िता का बयान दर्ज किया जा चुका है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।