भाजपा नेताओं के अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में कोलकाता से राजेश चक्रवर्ती गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अश्लील एवं मानहानिकारक वीडियो प्रसारित करने के मामले में न्यू टाउन निवासी राजेश चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल की शिकायत पर 21 मई को साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, राजेश चक्रवर्ती को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जाँच में सामने आया कि विवादित वीडियो सबसे पहले पार्थ नाग नामक व्यक्ति ने अपने फेसबुक प्रोफाइल से अपलोड किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया।
पूछताछ में पार्थ नाग ने दावा किया कि उसने 2023 में राजेश के निर्देश पर वीडियो बनाकर अपलोड किया था। इसके एवज में राजेश ने उसे कई बार ₹2,000 का भुगतान किया था।
आरोपों का विवरण
आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुवेंदु अधिकारी, भाजपा नेता दिलीप घोष, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और राज्य की कई महिला भाजपा नेताओं के खिलाफ अत्यंत अश्लील, मानहानिकारक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई थी। पुलिस के अनुसार ये वीडियो कुछ वर्ष पहले सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे।
आरोपी का असहयोगी रवैया
पुलिस का कहना है कि जाँच के दौरान पहले नोटिस पर राजेश चक्रवर्ती उपस्थित नहीं हुआ। दूसरे नोटिस पर वह पेश तो हुआ, किंतु उसने जाँच में सहयोग नहीं किया और संबंधित व्हाट्सऐप चैट भी डिलीट कर दी। वित्तीय लेनदेन के बारे में भी वह संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
जाँच का दायरा
जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में कितनी धनराशि खर्च की गई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव पहले से उच्च स्तर पर है।
आगे क्या होगा
27 मई को राजेश चक्रवर्ती की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होगी, जिसके बाद अदालत अगली कार्रवाई तय करेगी। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि वीडियो के प्रसार में और कितने लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।