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भाजपा नेताओं के अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में कोलकाता से राजेश चक्रवर्ती गिरफ्तार

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भाजपा नेताओं के अश्लील वीडियो वायरल करने के आरोप में कोलकाता से राजेश चक्रवर्ती गिरफ्तार

सारांश

कोलकाता पुलिस की साइबर शाखा ने भाजपा नेताओं के खिलाफ अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में न्यू टाउन निवासी राजेश चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। पार्थ नाग ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने 2023 में राजेश के निर्देश पर ₹2,000 के बदले वीडियो बनाया था। जाँच में बड़ी साजिश की आशंका भी जताई जा रही है।

मुख्य बातें

कोलकाता साइबर क्राइम शाखा ने न्यू टाउन निवासी राजेश चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया।
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल की शिकायत पर 21 मई को मामला दर्ज हुआ।
आरोप है कि सुवेंदु अधिकारी , दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार के खिलाफ अश्लील वीडियो प्रसारित किए गए।
पार्थ नाग ने दावा किया कि उसने 2023 में ₹2,000 प्रति भुगतान पर राजेश के कहने से वीडियो बनाया।
आरोपी ने जाँच में असहयोग किया और व्हाट्सऐप चैट डिलीट कर दी।
पुलिस हिरासत 27 मई तक; बड़ी साजिश और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जाँच जारी।

कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अश्लील एवं मानहानिकारक वीडियो प्रसारित करने के मामले में न्यू टाउन निवासी राजेश चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल की शिकायत पर 21 मई को साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, राजेश चक्रवर्ती को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जाँच में सामने आया कि विवादित वीडियो सबसे पहले पार्थ नाग नामक व्यक्ति ने अपने फेसबुक प्रोफाइल से अपलोड किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया।

पूछताछ में पार्थ नाग ने दावा किया कि उसने 2023 में राजेश के निर्देश पर वीडियो बनाकर अपलोड किया था। इसके एवज में राजेश ने उसे कई बार ₹2,000 का भुगतान किया था।

आरोपों का विवरण

आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुवेंदु अधिकारी, भाजपा नेता दिलीप घोष, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और राज्य की कई महिला भाजपा नेताओं के खिलाफ अत्यंत अश्लील, मानहानिकारक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की गई थी। पुलिस के अनुसार ये वीडियो कुछ वर्ष पहले सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे।

आरोपी का असहयोगी रवैया

पुलिस का कहना है कि जाँच के दौरान पहले नोटिस पर राजेश चक्रवर्ती उपस्थित नहीं हुआ। दूसरे नोटिस पर वह पेश तो हुआ, किंतु उसने जाँच में सहयोग नहीं किया और संबंधित व्हाट्सऐप चैट भी डिलीट कर दी। वित्तीय लेनदेन के बारे में भी वह संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

जाँच का दायरा

जाँच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में कितनी धनराशि खर्च की गई और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव पहले से उच्च स्तर पर है।

आगे क्या होगा

27 मई को राजेश चक्रवर्ती की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होगी, जिसके बाद अदालत अगली कार्रवाई तय करेगी। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि वीडियो के प्रसार में और कितने लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 के छोटे भुगतान और फेसबुक अपलोड का यह ढाँचा किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसकी जाँच अभी बाकी है। सवाल यह है कि क्या पुलिस केवल निचले स्तर के कड़ियों तक रुकेगी या फंडिंग के स्रोत तक पहुँचेगी। राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में इस तरह की जाँच की निष्पक्षता पर नज़र रखना ज़रूरी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता में भाजपा नेताओं के अश्लील वीडियो मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने न्यू टाउन निवासी राजेश चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। उस पर सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार सहित अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ अश्लील वीडियो प्रसारित करने का आरोप है।
इस मामले में शिकायत किसने और कब दर्ज कराई?
भाजपा नेता प्रियंका टिबरेवाल ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद 21 मई को साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पार्थ नाग की इस मामले में क्या भूमिका है?
पार्थ नाग ने पूछताछ में दावा किया कि उसने 2023 में राजेश चक्रवर्ती के कहने पर वीडियो बनाकर अपने फेसबुक प्रोफाइल से अपलोड किया था। इसके बदले राजेश ने उसे कई बार ₹2,000 का भुगतान किया था।
राजेश चक्रवर्ती को कब तक पुलिस हिरासत में रखा गया है?
अदालत ने राजेश चक्रवर्ती को 27 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इस दौरान पुलिस मामले की आगे जाँच करेगी।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
जाँच एजेंसियाँ इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि मामले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। आरोपी के असहयोगी रवैये और वित्तीय लेनदेन की जाँच के मद्देनज़र आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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