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रुक्मिणी वसंत की AI से बनी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के आरोप में बेंगलुरु में तीन गिरफ्तार

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रुक्मिणी वसंत की AI से बनी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के आरोप में बेंगलुरु में तीन गिरफ्तार

सारांश

बेंगलुरु में कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने AI तकनीक से अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। तीन मोबाइल फोन बरामद, सभी आरोपी अदालत में पेश।

मुख्य बातें

कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने 19 जून 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने AI तकनीक से अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत की आपत्तिजनक तस्वीरें-वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाए।
मामला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं के तहत दर्ज।
गिरफ्तार आरोपी — रविकुमार (24) , चंद्रकांत (33) , रंजीत (25) ; तीन मोबाइल फोन बरामद।
सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया; साइबर कमांड ने आगे भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने 19 जून 2026 को अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के ज़रिए उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह कृत्य अभिनेत्री की छवि को नुकसान पहुँचाने और उन्हें अपमानजनक तरीके से पेश करने के इरादे से किया गया था।

मामला कैसे दर्ज हुआ

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सीओपी बेंगलुरु सिटी में रुक्मिणी वसंत की शिकायत के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जाँच में सामने आया कि आरोपियों ने AI उपकरणों का उपयोग कर अभिनेत्री की डिजिटल तस्वीरें और वीडियो को बदलकर आपत्तिजनक सामग्री बनाई और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

आरोपियों की शिनाख्त और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया। साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान इस प्रकार है — बागलकोट जिले के चिलकमुखी गाँव निवासी 24 वर्षीय रविकुमार, वर्तमान में बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या में रहने वाले 33 वर्षीय चंद्रकांत, तथा बेंगलुरु के महालक्ष्मी नगर निवासी 25 वर्षीय रंजीत। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

अभिनेत्री पर असर

पुलिस ने बताया कि इस घटना से रुक्मिणी वसंत की प्रतिष्ठा और निजता को गंभीर नुकसान पहुँचा, उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी और आम जनता के बीच उनकी गलत छवि पेश की गई। गौरतलब है कि AI-जनित अश्लील सामग्री (डीपफेक) से जुड़े मामले पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़े हैं, जिसमें सार्वजनिक हस्तियाँ — विशेषकर महिलाएँ — सबसे अधिक निशाना बनती हैं।

कानूनी कार्रवाई और आगे की स्थिति

सभी तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया है। कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने स्पष्ट किया है कि AI तकनीक का दुरुपयोग कर किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और निजता को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में डीपफेक और AI-जनित दुर्भावनापूर्ण सामग्री को लेकर कड़े कानूनी ढाँचे की माँग तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब पीड़ित कोई आम महिला हो — जिसके पास संसाधन और सार्वजनिक पहुँच न हो — तब क्या इतनी ही तेज़ी से कार्रवाई होती है? BNS और IT अधिनियम के प्रावधान मौजूद हैं, पर जागरूकता और पहुँच की कमी अभी भी न्याय की राह में बड़ी बाधा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुक्मिणी वसंत AI डीपफेक मामला क्या है?
कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत की शिकायत पर तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिन पर AI तकनीक से उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोप है। यह मामला 19 जून 2026 को बेंगलुरु में दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
तीन आरोपियों की पहचान बागलकोट जिले के रविकुमार (24 वर्ष), बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या निवासी चंद्रकांत (33 वर्ष) और बेंगलुरु के महालक्ष्मी नगर निवासी रंजीत (25 वर्ष) के रूप में हुई है। इनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर दिया गया है।
कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने जाँच कैसे की?
आरोपियों की पहचान के लिए एक विशेष जाँच दल गठित किया गया, जिसने डिजिटल साक्ष्य जुटाकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए।
AI डीपफेक से पीड़ित होने पर क्या करें?
पीड़ित व्यक्ति नजदीकी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन रिपोर्ट कर सकते हैं। IT अधिनियम और BNS 2023 के तहत ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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