बेंगलुरु: कस्टम अधिकारी को जान से मारने की धमकी देने पर एम कृपलानी के खिलाफ दूसरी FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु पुलिस ने 18 मई 2025 को गिरफ्तार व्यवसायी एम कृपलानी के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की है। यह नया मामला हलसूर पुलिस स्टेशन में मंगलुरु के कस्टम सुपरिटेंडेंट डी. एंथनी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। कृपलानी पहले से ही एक महिला कस्टम अधिकारी को ब्लैकमेल करने और यौन उत्पीड़न करने के आरोप में न्यायिक हिरासत में है।
नई FIR का आधार
पुलिस के अनुसार, डी. एंथनी ने कृपलानी पर ₹8.50 लाख का जुर्माना लगाया था, क्योंकि कृपलानी कथित तौर पर तस्करी के एक मामले में कस्टम्स शुल्क से बचने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि इस कार्रवाई का बदला लेने के लिए कृपलानी ने एंथनी के एक सहकर्मी को फोन पर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, कृपलानी ने कथित तौर पर कहा कि एंथनी, उनकी पत्नी और बच्चों को जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा।
कानूनी धाराएँ और कार्रवाई
हलसूर पुलिस ने कृपलानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4), 351(3) और 351(1) के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएँ आपराधिक धमकी और जान-माल को नुकसान पहुँचाने की धमकी से संबंधित हैं। गौरतलब है कि यह कृपलानी के खिलाफ दर्ज होने वाली कम-से-कम दूसरी FIR है।
पहले के आरोप और गिरफ्तारी
कृपलानी को पहले येलहंका पुलिस स्टेशन में एक महिला कस्टम अधिकारी की शिकायत पर बलात्कार का मामला दर्ज होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। यह मामला बाद में आगे की जाँच के लिए इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, कृपलानी ने कथित तौर पर महिला अधिकारी को धमकी दी थी कि अगर उसने उसकी माँगें नहीं मानीं, तो वह उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक कर देगा।
नौ साल पुराना कथित षड्यंत्र
जाँच में सामने आया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी कृपलानी की महिला कस्टम अधिकारी से लगभग नौ साल पहले जान-पहचान हुई थी। आरोप है कि उसने शादी का झूठा वादा करके महिला अधिकारी का विश्वास जीता और कस्टम्स प्रक्रियाओं की खामियों की जानकारी हासिल की। इस जानकारी का इस्तेमाल करके उसने कथित तौर पर कुछ कस्टम्स अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराईं और उनसे पैसे ऐंठे।
पुलिस की अपील और आगे की जाँच
पुलिस को संदेह है कि कृपलानी की हरकतों से कई अन्य कस्टम्स अधिकारी भी प्रभावित हुए होंगे। इसीलिए जाँच अधिकारियों ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इसी तरह का शिकार हुआ हो, आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। मामले की जाँच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।