कर्नाटक: शिवकुमार ने नसीर अहमद के पद से हटाए जाने पर कहा, 'पार्टी अनुशासन आवश्यक'

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कर्नाटक: शिवकुमार ने नसीर अहमद के पद से हटाए जाने पर कहा, 'पार्टी अनुशासन आवश्यक'

सारांश

कर्नाटक में कांग्रेस के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नसीर अहमद के राजनीतिक सचिव पद से हटाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। यह कदम दावनगेरे दक्षिण उपचुनाव में नसीर की भूमिका को लेकर उठाया गया।

Key Takeaways

  • नसीर अहमद को दावनगेरे दक्षिण उपचुनाव में भूमिका के कारण हटाया गया।
  • डीके शिवकुमार ने पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता दी।
  • मुख्यमंत्री ने निर्णय विभिन्न स्रोतों की रिपोर्टों पर आधारित किया।
  • विधायकों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी गई।
  • चुनाव प्रचार के लिए शिवकुमार की यात्रा चेन्नई है।

बेंगलुरु, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कांग्रेस एमएलसी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को उनके पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।

सदाशिवनगर स्थित अपने आवास और केपीसीसी कार्यालय में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए शिवकुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पार्टी के हितों के मद्देनजर विभिन्न स्रोतों से जानकारी इकट्ठा करने के बाद नसीर अहमद के संबंध में निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर यह कार्रवाई की है। जब नसीर अहमद को राजनीतिक सचिव पद से हटाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी ने नसीर को दावनगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में जाकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि बागी उम्मीदवार चुनाव से हट जाए। वे इस जिम्मेदारी को निभाने में सफल नहीं हो पाए। मुझे अब तक वहां हुई घटना की विस्तृत रिपोर्ट नहीं मिली है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह कार्रवाई पार्टी-विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए एक संदेश है, तो शिवकुमार ने कहा कि किसी भी पार्टी में अनुशासन बहुत महत्वपूर्ण है। हमने सभी को विश्वास में लेकर ही उम्मीदवार का चयन किया था। हमारे नेताओं से मिली जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या आवास एवं वक्फ मंत्री जमीर अहमद खान के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

चुनाव प्रचार के लिए चेन्नई जाने की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि मैं आज रात चेन्नई जा रहा हूं और बुधवार को मेरा चुनाव प्रचार कार्यक्रम निर्धारित है।

विधायकों के साथ व्यक्तिगत बैठकों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राजनीति में हमें अपने विधायकों से चर्चा करनी चाहिए और भविष्य की योजना बनानी चाहिए। हम उन्हें मार्गदर्शन देते हैं कि क्या कहना है और कैसे आगे बढ़ना है। पार्टी अध्यक्ष के नाते, स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा करना मेरी जिम्मेदारी है। अगर मैं यह नहीं करूंगा, तो और कौन करेगा? विधायकों ने दावनगेरे दक्षिण और बागलकोट उपचुनावों की घटनाओं पर भी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

विधायकों को सीधे चेतावनी देने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों का दिल्ली जाकर मंत्री पद मांगना गलत नहीं है। वे अपनी मांगें रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, उन्हें पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना चाहिए। मैंने उन्हें मीडिया के सवालों का जवाब देते समय सतर्क रहने की सलाह दी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के राजनीतिक सचिव नसीर अहमद को मंगलवार को उनके पद से हटा दिया गया था, उन पर आरोप है कि उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए दावनगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार समर्थ शमनूर के खिलाफ काम किया था।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि नसीर अहमद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी हैं। कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में मंगलवार सुबह एक आदेश जारी किया।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

नसीर अहमद को क्यों हटाया गया?
नसीर अहमद को दावनगेरे दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ काम करने के आरोप में हटाया गया।
डीके शिवकुमार ने नसीर के हटने पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और मुख्यमंत्री ने विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर यह निर्णय लिया।
क्या अन्य मंत्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी?
डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
शिवकुमार का चुनाव प्रचार कार्यक्रम क्या है?
उन्होंने बताया कि वे आज रात चेन्नई जा रहे हैं और बुधवार को चुनाव प्रचार कार्यक्रम निर्धारित है।
विधायकों को चेतावनी देने के बारे में क्या जानकारी है?
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि विधायकों का दिल्ली जाकर मंत्री पद मांगना गलत नहीं है, लेकिन उन्हें पार्टी अनुशासन का पालन करना चाहिए।
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