क्या केंद्र ने तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 385.27 करोड़ रुपए स्वीकृत किए?

सारांश
Key Takeaways
- केंद्र सरकार ने 385.27 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
- इस राशि का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास के लिए होगा।
- नए शैक्षणिक भवन और छात्रावास का निर्माण होगा।
- छात्रों को आधुनिक अनुसंधान उपकरण मिलेंगे।
- यह परियोजना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगी।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस) केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 385.27 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह राशि हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी के माध्यम से तमिलनाडु के तिरुवरूर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए स्वीकृत की गई है।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह धनराशि विश्वविद्यालय में व्यापक आधारभूत ढांचे के विकास पर खर्च होगी। स्वीकृत परियोजनाओं के तहत तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में कई आधारभूत सुविधाएं और निर्माण कार्य किए जाएंगे। इस राशि से नई इमारतों जैसे कई सुविधाओं का निर्माण होगा। 96.40 करोड़ रुपए की लागत से नया शैक्षणिक भवन तैयार किया जाएगा।
300 बिस्तरों वाला छात्राओं का छात्रावास भी बनेगा, जिसमें 46.63 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। वहीं, 46.91 करोड़ रुपए का निवेश छात्रों के छात्रावास पर किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक उपकरण केंद्र भी स्थापित होगा, जिससे छात्रों को अनुसंधान में सहायता मिलेगी। इस परियोजना पर लगभग 19.95 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा, वैज्ञानिक उपकरणों की खरीद पर 16.84 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्वीकृत कुल 385.27 करोड़ रुपए में से 46.16 करोड़ रुपए से प्रशासनिक भवन का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवास की व्यवस्था भी होगी, जिस पर 62.97 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विश्वविद्यालय में 400 बिस्तरों वाला शोधार्थियों का छात्रावास भी बनाया जा रहा है, जिसके लिए 42.60 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य इन पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय का कहना है कि स्वीकृत राशि से तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण होगा। छात्रों और शोधार्थियों के लिए आधुनिक छात्रावास उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नवीनतम उपकरणों से युक्त विज्ञान प्रयोगशाला और शोध केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को समृद्ध करेगी। इससे तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में अनुसंधान कार्यों में तेजी आएगी और छात्रों को आधुनिक अनुसंधान उपकरणों का लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इस केंद्रीय विश्वविद्यालय की भूमिका और मजबूत होगी।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि संपूर्ण परियोजना का वित्तीय प्रबंधन हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जिसकी अदायगी मुख्यत: शिक्षा मंत्रालय के अनुदान से होगी। मंत्रालय का मानना है कि इस तरह का बड़ा निवेश न केवल तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कई प्रावधानों को लागू करने के विषय पर तमिलनाडु सरकार ने अपनी आपत्ति दर्ज की है। इसके अलावा, तमिलनाडु सरकार और मुख्यमंत्री ने केंद्र पर विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं के लिए धनराशि जारी न करने का आरोप भी लगाया है। लेकिन इन सभी विवादों को दरकिनार करते हुए शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए यह राशि जारी की है।