क्या केंद्र सरकार के विजन ने बदल दी है कामगारों की जिंदगी?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी की पहल ने रोजगार के नए अवसर सृजित किए हैं।
- कामगार अब अपने प्रदेश में चैन की जिंदगी बिता रहे हैं।
- मखाना उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।
- जीआई टैग ने उत्पादों को वैश्विक मान्यता दिलाई है।
- स्थानीय स्तर पर सामुदायिक विकास को बढ़ावा मिला है।
पूर्णिया, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की पहल ने उन कामगारों की जिंदगी बदल दी है, जो कभी मुंबई और गाजियाबाद जैसे बड़े शहरों में दो वक्त की रोटी कमाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। आज वे अपने ही प्रदेश में आराम से जीवन बिता रहे हैं।
उनका कहना है कि पहले हमें रोज़ी-रोटी के लिए अपने घर-परिवार से दूर बड़े शहरों में जाना पड़ता था। अब अपने ही राज्य में अपने लोगों के बीच चैन से काम कर पा रहे हैं, इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
शत्रुघ्न कुमार शर्मा और जयप्रीत कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान अपनी ख़ुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस समय हम बहुत संतुष्ट हैं। हमारे लिए इससे बड़ी बात और क्या होगी कि हमें अपने ही राज्य में रोजगार मिल गया।
शत्रुघ्न ने कहा कि आज मैं मखाना फैक्ट्री में काम करके बहुत खुश हूं। इससे पहले मैं मुंबई और हरदा में काम करता था। आज मुझे अपने परिवार के बीच काम करने का मौका मिला है। दूसरे शहर में कई प्रकार के खर्चे होते थे, जिससे बचत करना मुश्किल था। अब मैं न केवल अच्छी कमाई कर रहा हूं, बल्कि परिवार के साथ भी रह रहा हूं।
उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के विस्तृत दृष्टिकोण के कारण संभव हुआ है। आज यदि हमारे सपने पूरे हो रहे हैं, तो इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।
जयप्रीत कुमार ने कहा कि इससे पहले मैं गाजियाबाद में काम करता था। पिछले दो वर्षों से यहाँ काम कर रहा हूँ और हर महीने 35 हजार रुपये कमाता हूँ। यहाँ कई लोग काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी मखाना का जिक्र करते हैं, तो हमारी खुशी बयां नहीं की जा सकती। उनके व्यापक दृष्टिकोण ने हमें अपने राज्य में रोजगार प्रदान किया है। अब हमारा यह मखाना दुबई भी जा रहा है।
मखाना एक्सपोर्टर मनीष कुशवाहा ने भी प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों लोगों को मखाना के कारण रोजगार मिल रहा है, और इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को जाता है। यह कदम भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि जीआई टैग के कारण हमारे उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। इसी वजह से अन्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारी इसमें रुचि दिखा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि मखाना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जब राज्य में नीतीश कुमार और केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार आई, तो उन्होंने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि हमारी फैक्ट्री में वर्तमान में सात महिलाएं और पांच पुरुष काम कर रहे हैं। कई दंपति भी साथ काम कर रहे हैं और सभी अच्छी कमाई कर रहे हैं।