क्या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 'विश्व एड्स दिवस' के समारोह का नेतृत्व करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना है।
- समारोह में स्वास्थ्य मंत्री और युवा प्रतिनिधि शामिल होंगे।
- भारत ने एचआईवी के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रगति की है।
- समारोह में डिजिटल नवाचार और समुदाय-आधारित मॉडल प्रदर्शित होंगे।
- एक नई अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ होगा।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सोमवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'विश्व एड्स दिवस 2025' के वार्षिक राष्ट्रीय समारोह का संचालन करेंगे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, नाको के अपर सचिव और महानिदेशक तथा स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, युवा, समाज के समर्थक, एचआईवी से प्रभावित लोग (पीएलएचआईवी) और प्रमुख स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल होंगे। यह कार्यक्रम भारत की यात्रा को गति देने के लिए एकजुट दृष्टिकोण का प्रतीक है, ताकि एड्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त किया जा सके।
युवाओं द्वारा आयोजित एक फ्लैश प्रदर्शन जागरूकता और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार के महत्व पर जोर देगा। इसके पश्चात एक विषयगत प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जिसमें डिजिटल नवाचार, कार्यक्रम की उपलब्धियों और समुदाय-आधारित मॉडलों को प्रदर्शित किया जाएगा। लाभार्थियों के अनुभवों की कहानियां और एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति एनएसीपी-5 के तहत भारत की प्रगति और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी देगी।
इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नाको की राष्ट्रीय मल्टीमीडिया पहल के तहत एक नई अभियान वीडियो श्रृंखला का शुभारंभ होगा, जो युवा, जागरूकता, ऊर्ध्वाधर संचरण का उन्मूलन और कलंक एवं भेदभाव पर केंद्रित होगी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम संसाधन भी जारी किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम में एक विशेष लाइव संगीत प्रदर्शन भी होगा, जिसका विषय शीघ्र जांच, उपचार और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना होगा।
बता दें कि भारत राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के वर्तमान चरण के अंतर्गत महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, एचआईवी की जांच 4.13 करोड़ (2020-21) से बढ़कर 6.62 करोड़ (2024-25) हो गई है। एंटीरेट्रोवायरल उपचार तक पहुंच वाले पीएलएचआईवी की संख्या 14.94 लाख से बढ़कर 18.60 लाख हो गई है।
इसी अवधि में वायरल लोड परीक्षण 8.90 लाख से लगभग दोगुना होकर 15.98 लाख हो गया है।