क्या जम्मू-कश्मीर के रामकोट में केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी से शिक्षा में सुधार होगा?

सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय विद्यालय की मंजूरी ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है।
- यह विद्यालय 2025-26 से शुरू होगा।
- स्थानीय विधायक सतीश शर्मा की पहल का परिणाम है।
- विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रयासरत रहेगा।
- यह रामकोट क्षेत्र के बच्चों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
श्रीनगर, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसमें जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के रामकोट क्षेत्र में शिक्षा को लेकर वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करने का ऐलान किया गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने रामकोट में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी प्रदान कर दी है और शैक्षणिक सत्र 2025-26 से विद्यालय में कक्षाएं आरंभ होंगी।
जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि यह निर्णय स्थानीय विधायक सतीश शर्मा की सतत प्रयासों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। केंद्र सरकार के साथ निरंतर संवाद और प्रयासों के बाद यह मंजूरी हासिल की गई है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने अपने आदेश (२७ दिसंबर २०२४) के तहत देशभर में ८५ नए केंद्रीय विद्यालयों को खोलने की मंजूरी दी थी, जिनमें से एक केंद्रीय विद्यालय रामकोट (जिला कठुआ) भी है। यह विद्यालय सिविल डिफेंस सेक्टर के तहत खोला जा रहा है।
सरकारी आदेश के अनुसार, स्थानीय प्रयोजक संस्था ने विद्यालय के लिए चिन्हित भूमि का हस्तांतरण किया है और अस्थायी भवन की व्यवस्था भी की है, जो मानकों के अनुसार उपयुक्त पाया गया है। इसी के साथ, विद्यालय को तत्काल शुरू करने की औपचारिक मंजूरी दे दी गई है।
प्रारंभ में यह विद्यालय सरकारी मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल रामकोट, ब्लॉक नगरोटा गुज्जरू, जिला कठुआ में अस्थायी रूप से संचालित किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से कक्षा पहली से पांचवीं (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) के साथ विद्यालय की शुरुआत होगी। भविष्य में आवश्यकता और सुविधाओं के आधार पर विद्यालय को उच्च कक्षाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
आदेश के अनुसार, जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, ३० दिनों के भीतर प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसमें भूमि हस्तांतरण और अस्थायी भवन के पूर्ण अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाएं शामिल हैं।
इस आदेश पर केवीएस के अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) दीपेश गहलोत ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विद्यालय जल्द से जल्द शुरू होगा और क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
रामकोट, कठुआ क्षेत्र के निवासियों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्षों से चली आ रही मांग को आखिरकार पूरा किया गया।