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क्या केरल बनेगा भारत का पहला अत्यधिक गरीबी मुक्त राज्य?

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क्या केरल बनेगा भारत का पहला अत्यधिक गरीबी मुक्त राज्य?

सारांश

केरल राज्य 1 नवंबर को अपने गठन दिवस पर अत्यधिक गरीबी मुक्त होने की घोषणा करेगा। यह उपलब्धि एक विशेष प्रोजेक्ट और मुख्यमंत्री विजयन के नेतृत्व में की गई है। जानिए इस ऐतिहासिक कदम के बारे में और केरल कैसे बन रहा है एक आदर्श राज्य।

मुख्य बातें

केरल 1 नवंबर को 'अत्यधिक गरीबी मुक्त' राज्य घोषित होने जा रहा है।
64,006 परिवारों की विशिष्ट जरूरतों के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
भोजन, स्वास्थ्य, आवास और आय में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
1,000 करोड़ रुपए का निवेश इस परियोजना में किया गया है।
यह कदम सामाजिक न्याय और समावेशिता का प्रतीक है।

तिरुवनंतपुरम, 25 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। स्वतंत्र भारत के 77 वर्षों के इतिहास में पहली बार कोई राज्य अत्यधिक गरीबी को पूरी तरह समाप्त करने के कगार पर है। केरल सरकार ने घोषणा की है कि 1 नवंबर को राज्य के गठन दिवस पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन आधिकारिक रूप से केरल को 'अत्यधिक गरीबी मुक्त' घोषित करेंगे।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने यह भी कहा है कि 1 नवंबर 2025 को केरल पिरवी (केरल स्थापना दिवस) के अवसर पर केरल को भारत का पहला 'अत्यधिक गरीबी मुक्त' राज्य घोषित किया जाएगा। यह उपलब्धि 2021 में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार द्वारा शुरू किए गए 'एक्सट्रीम पॉवर्टी एराडिकेशन प्रोजेक्ट' (ईपीईपी) का परिणाम है, जो नवकेरल मिशन का एक हिस्सा है।

मुख्यमंत्री विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह सामाजिक न्याय और करुणामयी शासन का केरल मॉडल है, जो किसी को पीछे नहीं छोड़ता।"

इस परियोजना के अंतर्गत, सरकार ने एक समान नीति के बजाय व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया। बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) के आधार पर 64,006 अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान की गई और उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए सूक्ष्म योजनाएं बनाई गईं। 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के साथ, सरकार ने पांच प्रमुख क्षेत्रों, भोजन, स्वास्थ्य, आवास, सम्मान और आय, में क्रांतिकारी कदम उठाए।

भोजन सुरक्षा के लिए, 20,648 परिवारों को दैनिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिनमें 2,210 को गर्म भोजन मिल रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में, 85,721 व्यक्तियों को आवश्यक उपचार और दवाएं प्रदान की गईं, जिससे कुपोषण और बीमारियों में कमी आई।

आवास के मोर्चे पर, 5,400 से अधिक नए घर बनाए गए या निर्माणाधीन हैं, 5,522 घरों की मरम्मत की गई, और 2,713 भूमिहीन परिवारों को जमीन आवंटित की गई। सम्मान और पहचान के लिए, 21,263 लोगों को राशन कार्ड, आधार और पेंशन जैसे दस्तावेज प्रदान किए गए। आय सृजन के लिए, 4,394 परिवारों को आजीविका परियोजनाओं से जोड़ा गया, जिसमें सूक्ष्म वित्त और कृषि-आधारित उद्यम शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

केरल का यह कदम न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। यह दर्शाता है कि जब सरकारें सामाजिक न्याय और समावेशिता के लिए ठोस कदम उठाती हैं, तो परिणाम सकारात्मक होते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल को 'अत्यधिक गरीबी मुक्त' कब घोषित किया जाएगा?
केरल को 'अत्यधिक गरीबी मुक्त' 1 नवंबर 2025 को घोषित किया जाएगा।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अत्यधिक गरीब परिवारों की सहायता करना और उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से समर्थ बनाना है।
इस परियोजना में कितने परिवारों को मदद मिली है?
इस परियोजना के तहत 64,006 अत्यंत गरीब परिवारों को सहायता प्रदान की गई है।
केरल सरकार ने इस परियोजना के लिए कितना निवेश किया है?
इस परियोजना के लिए केरल सरकार ने 1,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है।
इस परियोजना का प्रमुख फोकस क्या है?
इस परियोजना का प्रमुख फोकस भोजन, स्वास्थ्य, आवास, सम्मान और आय के क्षेत्रों में सुधार करना है।
राष्ट्र प्रेस
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