क्या केरल सरकार कल्याण और विकास के लिए 'सिटिजन्स रिस्पॉन्स प्रोग्राम' शुरू करेगी?
सारांश
मुख्य बातें
तिरुवनंतपुरम, 8 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल मंत्रिमंडल ने बुधवार को राज्य में कल्याण और विकास योजनाओं का मूल्यांकन और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी सार्वजनिक आउटरीच और फीडबैक पहल, जिसका नाम है नव केरलम- सिटिजन्स रिस्पॉन्स प्रोग्राम, शुरू करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में बताया गया है कि यह कार्यक्रम 1 जनवरी से 28 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच एक सुगठित संवाद स्थापित करना है।
यह पहल स्थानीय जरूरतों की पहचान करने, विकास संबंधी सुझाव एकत्र करने, और कल्याणकारी कार्यक्रमों की दक्षता में सुधार के लिए प्रतिक्रिया जुटाने पर केंद्रित होगी।
इसके साथ ही, अन्य सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रदर्शन पर भी जानकारी प्राप्त की जाएगी।
यह कार्यक्रम राज्य के सामाजिक स्वयंसेवी नेटवर्क के माध्यम से लागू किया जाएगा, जिससे स्थानीय समुदायों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के आरंभ से पूर्व प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। कार्यान्वयन की निगरानी के लिए, सरकार ने एक चार सदस्यीय राज्य सलाहकार समिति और एक राज्य कार्यकारी समिति का गठन किया है।
पंचायत, नगर पालिका, निगम, विधानसभा क्षेत्र और जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें अधिकारी और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक को इस प्रयास के समन्वय का कार्य सौंपा गया है।
राज्य सलाहकार समिति में मुख्य सचिव ई. जयतिलक, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव केएम अब्राहम, आईएमजी निदेशक के. जयकुमार और आईआईएम कोझिकोड के प्रोफेसर साजी गोपीनाथ शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास प्राथमिकताओं को शामिल करते हुए मौजूदा परियोजनाओं में कमियों की पहचान करना है, जिससे जनता से कार्रवाई योग्य सुझाव एकत्र कर एक व्यापक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जा सके।
यह रिपोर्ट भविष्य की विकास योजनाओं को आकार देने और कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए एक संदर्भ दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी।