28 जुलाई 2026
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केरल हाईकोर्ट ने डाक मतपत्र में खामियों पर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण, सुनवाई 21 अप्रैल को

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केरल हाईकोर्ट ने डाक मतपत्र में खामियों पर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण, सुनवाई 21 अप्रैल को

सारांश

केरल हाईकोर्ट ने डाक मतपत्र में खामियों को लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। यह मामला उन कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर चिंता प्रकट करता है जो मतदान से वंचित रह गए हैं। सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।

मुख्य बातें

केरल हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा।
डाक मतपत्र प्रक्रिया में खामियों की शिकायतें बढ़ी हैं।
सुनवाई की तिथि 21 अप्रैल है।
कर्मचारियों के मतदान अधिकारों का उल्लंघन चिंता का विषय है।

कोच्चि, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल हाईकोर्ट ने डाक मतपत्र प्रक्रिया में खामियों की शिकायत पर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।

एक राज्य सरकारी कर्मचारी ने याचिका दायर कर कहा कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने के बावजूद उसे वोट डालने के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित रखा गया है।

यह याचिका उस समय आई है, जब राज्य में 9 अप्रैल को 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है और इससे पहले भी डाक मतपत्र को लेकर कई शिकायतें उठी थीं।

इस नए मामले ने अदालत को पहले दिए गए आश्वासनों की याद दिला दी है। 8 अप्रैल को चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को समय पर डाक मतपत्र के जरिए वोट डालने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यह आश्वासन केरल एनजीओ संघ द्वारा दायर एक रिट याचिका के बाद दिया गया था।

संघ ने आरोप लगाया था कि चुनाव ड्यूटी में लगे सरकारी कर्मचारियों को डाक मतपत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि चुनाव संचालन नियम, 1961 के तहत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है।

संघ के अनुसार, मतपत्र के वितरण में देरी के कारण कई कर्मचारी वोट नहीं डाल सके। 1 से 8 अप्रैल तक की डाक मतपत्र अवधि भी व्यस्त चुनावी तैयारियों के बीच थी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई।

कई अधिकारियों को 6 अप्रैल तक भी मतपत्र प्राप्त नहीं हुए थे, जबकि 8 अप्रैल को उन्हें ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री इकट्ठा करने में व्यस्त रहना पड़ा, जिससे मतदान के लिए समय नहीं मिल सका।

इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले निर्देश दिया था कि 8 अप्रैल को अपराह्न 2 बजे तक सभी पात्र कर्मचारियों को मतपत्र उपलब्ध कराए जाएं।

अब नई याचिका में इन निर्देशों के पालन में चूक का आरोप लगाया गया है, जिससे अदालत ने पुनः हस्तक्षेप किया है। यह मामला उन कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर गंभीर चिंता प्रकट करता है, जो स्वयं चुनाव प्रक्रिया को संचालित करते हैं, लेकिन वोट डालने से वंचित रह जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल हाईकोर्ट ने कब सुनवाई निर्धारित की है?
केरल हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की है।
इस मामले में क्या समस्या उठाई गई है?
डाक मतपत्र प्रक्रिया में खामियों के कारण कई कर्मचारियों को वोट डालने से वंचित रखा गया है।
चुनाव आयोग ने क्या आश्वासन दिया था?
चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया था कि चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को समय पर डाक मतपत्र प्राप्त होंगे।
कौन सी याचिका दायर की गई थी?
एक राज्य सरकारी कर्मचारी द्वारा यह याचिका दायर की गई थी।
क्या डाक मतपत्र के वितरण में कोई देरी हुई थी?
हाँ, डाक मतपत्र के वितरण में देरी के कारण कई कर्मचारी वोट नहीं डाल सके।
राष्ट्र प्रेस
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