केरल में लू से मौत: कन्नूर में 37 वर्षीय की जान गई, IMD ने 3 जिलों में हीट वेव अलर्ट जारी किया
सारांश
Key Takeaways
- कन्नूर, केरल में 37 वर्षीय सनल कुमार की 23 अप्रैल 2025 को लू लगने से मौत हुई।
- IMD ने पलक्कड़, कोल्लम और त्रिशूर जिलों के लिए आधिकारिक हीट वेव अलर्ट जारी किया।
- राज्य का तापमान 40°C से ऊपर पहुंचा, जो सामान्य से 4.5°C अधिक है।
- SDMA ने दोपहर 12:30 बजे के बाद सायरन अलर्ट सिस्टम सक्रिय किया।
- लगातार दो दिन यही हालात रहे तो IMD आधिकारिक हीट वेव घोषित करेगा।
- केरल की उच्च आर्द्रता के कारण हीट इंडेक्स दर्ज तापमान से भी अधिक महसूस हो रहा है।
तिरुवनंतपुरम, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल के कन्नूर जिले में बुधवार, 23 अप्रैल 2025 को 37 वर्षीय सनल कुमार की लू (हीट स्ट्रोक) लगने से मौत हो गई। पल्लीपोयिल निवासी सनल कुमार कुआं खोदने के काम के दौरान दोपहर में अचानक गिर पड़े और उन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल के कई जिलों में आधिकारिक हीट वेव चेतावनी जारी की है।
घटना का विवरण और परिस्थितियां
सनल कुमार कन्नूर जिले के पल्लीपोयिल इलाके के रहने वाले थे। बुधवार दोपहर वह खुले मैदान में कुआं खोदने का काम कर रहे थे, जब वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कथित तौर पर लंबे समय तक तेज धूप और गर्मी में काम करने के कारण हीट स्ट्रोक उनकी मौत की वजह बनी।
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सनल कुमार एक सामान्य मजदूर थे जो आजीविका के लिए खुले में काम करने को मजबूर थे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मजदूर इस बढ़ती गर्मी की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं, जबकि उनके पास न पर्याप्त सुरक्षा उपकरण हैं और न ही काम से छुट्टी लेने की सुविधा।
IMD की चेतावनी और तापमान का हाल
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पलक्कड़, कोल्लम और त्रिशूर जिलों के लिए आधिकारिक हीट वेव अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जो सामान्य स्तर से 4.5 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक है। IMD के अनुसार, यदि यही स्थिति लगातार दो दिनों तक बनी रही तो आधिकारिक तौर पर हीट वेव की घोषणा की जाएगी।
केरल की तटीय भौगोलिक स्थिति हालात को और जटिल बना रही है। उच्च आर्द्रता (नमी) के कारण हीट इंडेक्स — यानी शरीर को महसूस होने वाला वास्तविक तापमान — दर्ज तापमान से कहीं अधिक है। इससे गर्मी का शारीरिक प्रभाव और भी खतरनाक हो जाता है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों के लिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी जिलों में सख्त सुरक्षा उपायों को लागू करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात, विशेष रूप से दिन के सबसे गर्म घंटों में सीधे धूप में रहने वालों के लिए, गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर रहे हैं।
कोल्लम और पलक्कड़ जिलों सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में दोपहर 12:30 बजे के बाद अलर्ट सिस्टम के तहत सायरन बजाए गए, ताकि लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए सचेत किया जा सके। अधिकारियों ने आम जनता से पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में बाहर न निकलने और स्वास्थ्य सलाह का पालन करने की अपील की है।
व्यापक संदर्भ: जलवायु और श्रमिक सुरक्षा की चुनौती
गौरतलब है कि केरल परंपरागत रूप से भारत के उन राज्यों में नहीं गिना जाता जहां हीट वेव की स्थिति बनती हो। राजस्थान, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में लू की घटनाएं आम हैं, लेकिन केरल में 40 डिग्री से ऊपर तापमान और हीट वेव अलर्ट असामान्य और चिंताजनक है। यह बदलाव जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों की ओर इशारा करता है।
सनल कुमार की मौत एक बड़े सवाल को भी उठाती है — क्या राज्य में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद हैं? अधिकांश राज्यों में निर्माण और खेती के मजदूरों को चिलचिलाती धूप में काम करना पड़ता है, जबकि श्रम विभाग के दिशानिर्देश अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।
आने वाले दिनों में यदि IMD आधिकारिक तौर पर हीट वेव की पुष्टि करता है, तो राज्य सरकार पर स्कूल बंद करने, कार्यस्थल सुरक्षा नियम लागू करने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं तैयार रखने का दबाव बढ़ेगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे IMD और SDMA के अपडेट पर नज़र रखें।