क्या केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म हो गया?

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क्या केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म हो गया?

सारांश

केरल के स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का प्रचार समाप्त हो गया है। 9 दिसंबर को मतदान होगा, जिससे राजनीतिक दलों की ताकत और जनसमर्थन का पता चलेगा। क्या आपको पता है कि इस बार 75,632 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं?

मुख्य बातें

9 दिसंबर को पहले चरण का मतदान होगा।
75,632 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
मतगणना 13 दिसंबर को होगी।
सभी प्रमुख राजनीतिक दल चुनावी रणनीतियों पर सक्रिय हैं।
पुलिस ने सुरक्षा के लिए कड़ी व्यवस्था की है।

तिरुवनंतपुरम, 7 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल में स्‍थानीय चुनाव के पहले चरण के प्रचार का कार्य रविवार शाम को समाप्त हो गया। 9 दिसंबर को सात जिलों में मतदान होगा।

अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, नगर निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।

राज्‍य चुनाव आयुक्‍त ए. शाहजहां ने सभी राजनीतिक दलों को निर्देशजनता की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न करें और जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कई जिलों में, पुलिस ने अंतिम चरण के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें भीड़ के आकार, जुलूस के मार्ग और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

पहले चरण का मतदान मंगलवार को दक्षिणी जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम में होगा।

दूसरे चरण के मतदान के लिए शेष सात जिलों त्रिशूर, पलक्कड़, कोझिकोड, मलप्पुरम, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड में 11 दिसंबर को वोटिंग होगी।

केरल की सभी 1,199 स्थानीय निकायों के लिए मतगणना 13 दिसंबर को होगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य भर में गांव की पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों, जिला पंचायतों, नगर पालिकाओं और निगमों के 23,576 वार्डों से चुनाव लड़ रहे 75,632 उम्मीदवारों के भाग्य का निर्णय 1.32 करोड़ मतदाता करेंगे।

पहले चरण के मतदान में अब केवल एक दिन रह गया है, और तीन प्रमुख राजनीतिक दल, सीपीएम के नेतृत्व वाली एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए, ने केरल के त्रिस्‍तरीय स्थानीय शासन प्रणाली में बहुमत प्राप्त करने का आश्वासन दिया है।

सत्ताधारी सीपीआई (एम) की अगुवाई वाली एलडीएफ ने राज्य सरकार की जनकल्‍याणकारी योजनाओं और विकास पहलों पर अपने अभियान को केंद्रित किया। वहीं, कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ ने भ्रष्टाचार, कुशासन और वामपंथी सरकार की वित्तीय फिजूलखर्ची के आरोपों पर हमला बोला।

भाजपा ने स्थानीय स्तर पर विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और नगर निकायों के लिए अधिक केंद्रीय सहायता प्राप्त करने के वादों पर ध्यान केंद्रित किया।

रविवार को चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद, मंगलवार को शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़ी सुरक्षा और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन होने की आशा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में पहले चरण के मतदान की तारीख क्या है?
केरल में पहले चरण के मतदान की तारीख 9 दिसंबर है।
कौन से जिलों में मतदान होगा?
पहले चरण में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में मतदान होगा।
कितने उम्मीदवार चुनाव में भाग ले रहे हैं?
इस चुनाव में 75,632 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं।
क्या चुनाव प्रचार के दौरान कोई पाबंदियां थीं?
हाँ, पुलिस ने अभियान के अंतिम चरण के लिए भीड़, जुलूस और लाउडस्पीकर के उपयोग पर पाबंदियां लगाई थीं।
राष्ट्र प्रेस